वेटरनेरी फार्मासिस्ट ने डिस्पेंसरी में निगला जहर, वरिष्ठ चिकित्सक पर प्रताड़ना के आरोप
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वरिष्ठ वेटरनेरी चिकित्सक पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एक फार्मासिस्ट ने मंगलवार सुबह डिस्पेंसरी में रखी जहरीली दवा निगलकर आत्महत्या का प्रयास किया। सह कर्मियों ने लोगों की मदद से उसे सिविल अस्पताल संधोल पहुचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हमीरपुर रेफर कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार फार्मासिस्ट ड्यूटी पर पहुंचा और जहर निगल लिया। गनीमत रही कि वहां मौजूद चपरासी ने उसे इस हालत में देख उसके हाथ से बोतल छुड़ाते हुए आसपास के लोगों की मदद से उसे संधोल अस्पताल पहुंचाया।
जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर संधोल चौकी प्रभारी बलजीत सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंचे और फार्मासिस्ट का बयान दर्ज किया। पीड़ित फार्मासिस्ट ने बताया कि उसका वरिष्ठ चिकित्सक काफी समय से उसे बेवजह तंग कर रहा था। मानसिक रूप से प्रताड़ित होकर उसने यह कदम उठाया है। डीएसपी सरकाघाट चंद्रपाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू कर दी है।
वेटरनेरी चिकित्सक ने ये कहा
आरोपी वरिष्ठ वेटरनेरी चिकित्सक का कहना है कि उस पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। सरकार के निर्देशानुसार पिछले दो साल का दवाओं के वितरण और स्टॉक का ब्योरा फार्मासिस्ट से मांगा था। इसी बात पर परेशान होकर उसने मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए यह कदम उठाया है।