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हिमाचल विजिलेंस के भी राडार पर हैं टीएमसी सांसद केडी सिंह
Tue, 29 Jan 2019 11:50 AM IST
ashok chauhan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: ashok chauhan
Updated Tue, 29 Jan 2019 11:50 AM IST
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करोड़ों के पोंजी स्कीम घोटाले में फंसे तृणमूल कांग्रेस के सांसद केडी सिंह हिमाचल विजिलेंस ब्यूरो के भी राडार पर हैं। भले ही ईडी ने सिंह की कंपनी अलकेमिस्ट इंफ्रारियलिटी लिमिटेड के विभिन्न शहरों के अलावा हिमाचल के कुफरी में स्थित संपत्ति को सीज किया हो, लेकिन अभी भी सिंह के पास कई जमीनें होने की बात कही जा रही है।
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पिछली वीरभद्र सरकार के दौरान केडी सिंह का नाम सुर्खियों में आया था। आरोप था कि टीएमसी सांसद ने हिमाचल के विभिन्न हिस्सों में कई बेनामी संपत्तियां खरीदीं। शिकायत के बाद विजिलेंस मामले की जांच कर रही है।
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सूत्रों की मानें तो विजिलेंस का आरोप है कि केडी सिंह ने हिमाचल में 267 बीघा जमीन बेनामी सौदे के तहत खरीदी थीं। हाईकोर्ट में सीपीएम की ओर से दायर याचिका के बाद डीसी शिमला ने भी मामले की जांच कर रिपोर्ट ब्यूरो को सौंप दी थी।
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सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई थी कि केडी सिंह की कंपनी की यह खरीद बेनामी थी। चूंकि, गैर कृषक को जमीन खरीदने के लिए 118 की मंजूरी लेना जरूरी होता है।
35 करोड़ से ज्यादा है रिजार्ट की कीमत
साथ ही एक व्यक्ति के पास अधिकतम 160 बीघा जमीन की सीलिंग भी इस सौदे में टूटी थी। ऐसे में डीसी ने अपनी रिपोर्ट में जमीन को सरकार के अधीन करने की सिफारिश की थी।
हालांकि विजिलेंस ब्यूरो अब भी मामले की जांच कर रहा है। नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच में कई अहम सबूत हाथ लगे हैं और संभव है कि आने वाले समय में विजिलेंस मामला भी दर्ज कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार केडी सिंह की जिस एलकेमिस्ट इंफ्रा रियलिटी लिमिटेड कंपनी के रिजार्ट को ईडी ने सीज किया है उसकी कीमत 30 से 35 करोड़ बताई जा रही है। ईडी सूत्रों के अनुसार पहले यह संपत्ति स्थानीय कृषक के नाम थी जिसने संपत्ति तो बेच दी लेकिन सिंह को 118 की मंजूरी नहीं मिल सकी।
चूंकि पैसा मनी लांड्रिंग से कमाया गया था और उसे इस रिजार्ट को खरीदने में निवेश किया गया इसलिए संपत्ति को सीज किया गया है। ईडी सूत्रों का यह भी कहना है कि रिजार्ट के अलावा कई अन्य संपत्तियां भी जांच एजेंसी के निशाने पर हैं जिन्हें बेनामी तरीके से पैसा चुकाकर केडी सिंह ने खरीदा था।
हालांकि विजिलेंस ब्यूरो अब भी मामले की जांच कर रहा है। नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच में कई अहम सबूत हाथ लगे हैं और संभव है कि आने वाले समय में विजिलेंस मामला भी दर्ज कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार केडी सिंह की जिस एलकेमिस्ट इंफ्रा रियलिटी लिमिटेड कंपनी के रिजार्ट को ईडी ने सीज किया है उसकी कीमत 30 से 35 करोड़ बताई जा रही है। ईडी सूत्रों के अनुसार पहले यह संपत्ति स्थानीय कृषक के नाम थी जिसने संपत्ति तो बेच दी लेकिन सिंह को 118 की मंजूरी नहीं मिल सकी।
चूंकि पैसा मनी लांड्रिंग से कमाया गया था और उसे इस रिजार्ट को खरीदने में निवेश किया गया इसलिए संपत्ति को सीज किया गया है। ईडी सूत्रों का यह भी कहना है कि रिजार्ट के अलावा कई अन्य संपत्तियां भी जांच एजेंसी के निशाने पर हैं जिन्हें बेनामी तरीके से पैसा चुकाकर केडी सिंह ने खरीदा था।