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शराब गबन मामले में फर्जी एफडी बनाने वाला मास्टरमाइंड दबोचा

Sat, 19 Oct 2019 11:07 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऊना Published by: Krishan Singh Updated Sat, 19 Oct 2019 11:07 PM IST
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The mastermind who created a fake FD in liquor embezzlement case caught
प्रतीकात्मक तस्वीर

स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो की ऊना टीम ने ढाई करोड़ के बहुचर्चित शराब गबन मामले में फर्जी एफडी बनाने वाले मास्टरमाइंड को दबोचा है। उक्त व्यक्ति ने ही मुख्य आरोपियों की बैंक के नाम पर फर्जी एफडी तैयार की थी, इसके आधार पर आबकारी एवं कराधान विभाग को गुमराह किया गया। 

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विजिलेंस के एएसपी सागर चंद्र ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि विजिलेंस ने शनिवार को पुलवाला बाजार ऊना निवासी नवीन कुमार पुत्र दिलीप को गिरफ्तार किया है, उसे अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। उन्होंने बताया कि नवीन कुमार फर्जी कागजात तैयार करने में आरोपियों का मुख्य सहयोगी था।
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हिमाचल ग्रामीण बैंक की तीन फर्जी एफडी शराब ठेकेदार द्वारा एक्साइज विभाग को सौंपी गई थीं, जिन्हें बनाने में नवीन कुमार का हाथ रहा है। गौर हो कि इस मामले में हरप्रिया मिन्हास उसके पति अमिल मिन्हास और सीए रोहित कुमार पर विजिलेंस ने मामला दर्ज किया है। अमिल मिन्हास समेत एक अन्य आरोपी को शिमला हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली है, जबकि एक आरोपी ऊना की अदालत में जमानत याचिका खारिज होने के बाद फरार चल रहा है।
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गौर हो कि शराब ठेका संचालकों ने विभाग को फर्जी चालान की रसीदें पेश कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। यहां तक कि ठेके के लिए विभाग के पास प्रतिभूति के तौर पर जमा करवाई गई एफडीआर की कॉपियां भी फर्जी लगाई गईं। उक्त शराब ठेके हिमाचल प्रदेश के पुलिस विभाग में रहे एक उच्चाधिकारी की बहू के नाम पर संचालित थे, जिन्हें विभाग ने फिर से नीलाम किया है। कुल पांच ठेकों में से चार महिला के नाम पर, जबकि एक ठेका कंपनी के सीए के नाम पर चल रहा था।


आरोपियों ने विभाग को कुल 2 करोड़ 58 लाख 51 हजार 803 रुपये का चूना लगाया। अकाउंट्स जनरल हिमाचल प्रदेश के ऑडिट में इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद विभाग ने ठेका संचालकों पर शिकंजा कसा तो संचालकों की ओर से 31 लाख 77 हजार 657 रुपये की रकम रिकवरी के तौर पर जमा करवाई गई। लेकिन शेष 2 करोड़ 26 लाख 74 हजार 146 रुपये की रकम अभी रिकवर की जानी है। 

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