4500 करोड़ के घोटाले में टेक्नोमैक कंपनी का डीजीएम गिरफ्तार
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हिमाचल के 4500 करोड़ रुपये के बहुचर्चित टेक्नोमैक कंपनी के घोटाले की जांच में जुटी सीआईडी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीआईडी की क्राइम ब्रांच ने कर चोरी के इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे कंपनी के डीजीएम (अकाउंट्स) विवेक कुमार लाल को सीआईडी दफ्तर पांवटा में गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार को कार्रवाई के डर से कंपनी का डीजीएम खुद सीआईडी के सामने पेश हुआ। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। रविवार को उसे पांवटा स्थित कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
विवेक पर फर्जी बिल और दस्तावेज तैयार करने का आरोप है। सीआईडी का दावा है कि पूछताछ में विवेक ने कई अन्य के नाम और उनकी भूमिका के भी खुलासे किए हैं। इससे पहले सीआईडी ने कंपनी के अकाउंटेंट रहे विवेक गुप्ता को भी गिरफ्तार किया था।
दरअसल साल 2014 में कर चोरी का मामला सामने आने के बाद से टेक्नोमैक कंपनी के प्रबंधन से जुड़े अधिकारी फरार चल रहे थे। सीआईडी सूत्रों की मानें तो गिरफ्तार किए गए विवेक लाल पर पिछले बीस दिन से जांच टीम दबाव बनाए थी।
तीन बार उसके दिल्ली स्थित कार्यालय पर दबिश देकर पेश होने की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद शनिवार को वह जांच अधिकारियों के सामने पेश हुआ। करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद जांच अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसपी सीआईडी संदीप धवल ने बताया कि पूछताछ में कंपनी के डीजीएम ने स्वीकार किया है कि जो फर्जी बिल, टर्न ओवर और गलत बैलेंस शीट के अलावा अन्य दस्तावेज तैयार किए थे, उन पर इसने ही हस्ताक्षर किए थे।
इसके अलावा कंपनी के विभिन्न बैंकों से लिए लोन के मामले में जितनी भी फील्ड विजिट हुई, उनमें बैंक अधिकारियों को इसी ने अटेंड किया।