अप्राकृतिक दुराचार के आरोपी नेता को क्लीन चिट!
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अप्राकृतिक यौनाचार के संगीन आरोप में फंसे पूर्व विधायक बलदेव शर्मा के मामले को पुलिस बंद कर सकती है। केस की केंसलेशन रिपोर्ट तैयार करने के लिए कानूनविदों की राय ली जा रही है।
इस मामले में महिला के अलग-अलग बयान से पुलिस की तफ्तीश उलझ कर रह गई है। ऐसा कोई ठोस साक्ष्य पुलिस के हाथ नहीं लगा है जिससे मामले को मजबूती मिल सके।
कानूनविदों की मंजूरी के बाद अदालत में चार्जशीट की जगह केस की सीआर भेज दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने कहा कि जांच के दौरान इस मामले में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। इस केस में आगे क्या करना है, इस बारे में कानूनविदों से राय ली जा रही है।
हमीरपुर की महिला ने लगाया था नेता पर आरोप
जिला हमीरपुर की रहने वाली एक महिला ने बलदेव शर्मा पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह विधायक थे तो उस समय वह अपने पति के तबादले के सिलसिले में उनसे मिलने शिमला आई। आरोपी विधायक उन्हें विधानसभा परिसर के एक कमरे में ले गया और उसके साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया।
मामला पुराना होने के बावजूद शिकायत के आधार पर थाना बालूगंज में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। आरोपी बलदेव इन दिनों प्रदेश उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत पर चल रहे हैं। उन्हें थाना बालूगंज सीमा से बाहर जाने के लिए भी जांच अफसर की स्वीकृति लेनी पड़ती है।
महिला के बयान के अलावा पुलिस के पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान में भी अंतर पाया जा रहा है। जिस कमरे में महिला यौनाचार होने का आरोप लगा रही है, उस कमरे की सही शिनाख्त भी वह नहीं कर पाई है।