यौनाचार मामला : पूर्व विधायक के खिलाफ चार्जशीट
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भाजपा के पूर्व विधायक बलदेव शर्मा के खिलाफ अप्राकृतिक यौनाचार मामले में पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीआरपीसी 164 के तहत पीड़ित महिला के बयान और घटनास्थल से एकत्रित सबूतों के आधार पर चार्जशीट तैयार की गई है।
जिला अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद पूर्व विधायक बलदेव शर्मा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। हालांकि मौजूदा समय में बलदेव जमानत पर हैं। मामले के खुलासे के बाद से आरोपी बराबर पुलिस जांच में शामिल होते रहे।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने आरोपी बलदेव शर्मा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की पुष्टि की है।
थाना बालूगंज में दर्ज हुआ था मामला
हमीरपुर की एक महिला ने पूर्व विधायक बलदेव शर्मा पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। पुलिस ने आईपीसी की धारा 377 के तहत थाना बालूगंज में केस दर्ज किया। यह अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की धारा है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक गिरफ्तारी के डर से नदारद हो गए।
प्रदेश उच्च न्यायालय में अंतरिम जमानत की अर्जी दी। अदालत ने उनकी दरख्वास्त मंजूरी की और सशर्त अंतरिम जमानत दी। इसके बाद बलदेव थाना बालूगंज में जांच में शामिल होते रहे। अदालत से उन्हें अग्रिम जमानत मिलती रही।
बीते मंगलवार को उन्हें जमानत मिल गई। अदालत में पुलिस की ओर से पक्ष रखा गया कि आरोपी के खिलाफ निचली अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। चार्जशीट में केवल पूर्व विधायक बलदेव शर्मा को ही आरोपी बनाया गया है।
यह था मामला
हमीरपुर हल्के की रहने वाली एक महिला ने बलदेव शर्मा पर संगीन आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई कि जब साल 2012 में बलदेव विधायक थे तो वह अपने पति का तबादला करवाने उनके पास आई थी।
विधानसभा भवन में विधायक को मिले आवास में आरोपी ने उसके साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया। महिला ने दावा किया था कि घटना के बाद उसने कई जगह मौखिक तौर पर विधायक की शिकायत की लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी।
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले महिला की शिकायत के आधार पर थाना बालूगंज में मुकदमा दर्ज किया गया।
पूर्व विधायक ने मामले को राजनीति से प्रेरित बताया
पूर्व विधायक बलदेव शर्मा शुरू से ही खुद को बेकसूर बता रहे हैं। मामला राजनीति से प्रेरित बताया गया। उनका दावा है कि एक गहरी साजिश के तहत उन्हें बदनाम कर फंसाया गया । महिला के आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।