कार को बचाया, खाई में धकेल दी सवारियों से भरी बस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश शिमला जिला के कढारघाट में हुए दर्दनाक बस हादसे की वजह तेजरफ्तार कार को बचाने की कोशिश को बताया जा रहा है। चालक ने कार से टक्कर टालने के लिए बस को गहरी खाई में धकेल दिया।
इसी दौरान खुद की जान बचाने के लिए उसने जरूर छलांग लगा दी। मगर इस दर्दनाक हादसे में 21 घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।
हालांकि हादसे के समय धुंध का अधिक होना और सड़क के किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना भी हादसे की एक वजह मानी जा रही है।
मोड़ पर हुआ हादसा
संकरी सड़क और सड़क किनारे सुरक्षा का कोई इंतजाम न होना कढारघाट बस दुर्घटना की वजह बना है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जहां बस दुर्घटनाग्रस्त हुई वहां एक गाड़ी के गुजरने योग्य ही जगह है।
सड़क किनारे सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त भी नहीं है। घटनास्थल पर हलका मोड़ है जहां घनी धुंध के बीच तेज रफ्तार कार को बचाते हुए बस अनियंत्रित हो गई। हालांकि, यह जानकारी प्रारंभिक पूछताछ में पता चली है। बस चालक और घायल यात्रियों के बयान के बाद ही घटना के मूल कारणों का पत लगा सकता है।
एसएचओ पुलिस थाना सुन्नी तारासिंह नेगी ने बताया कि सुन्नीकढारघाट बस हादसे को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए हैं। कुछ लोगों के अनुसार कार को बचाते हुए बस का संतुलन बिगड़ गया।
एचआरटीसी ने शुरू की टैक्निकल जांच
वहीं बस दुर्घटना को लेकर एचआरटीसी ने टेक्निकल जांच शुरू कर दी है। बुधवार को एचआरटीसी की टेक्निकल एक्सपर्ट की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया।
इस दौरान दुर्घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाए गए। टीम ने बस के पुर्जों का भी निरीक्षण किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं बस में किसी तरह की तकनीकी खराबी तो नहीं थी।