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मां के इलाज को नहीं थे पैसे, बन गया फर्जी इंस्पेक्टर
ब्यूरो, अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sun, 06 Mar 2016 12:23 AM IST
सार
police
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औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
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विस्तार
अस्पताल में उपचाराधीन मां के इलाज के लिए एक शख्स ने गलत तरीके से पैसे जुटाने की प्लानिंग कर डाली। यह सीआईडी का फर्जी इंस्पेक्टर बन गया। यह सनसनीखेज मामला हिमाचल के हमीरपुर का है।
यहां कस्बे में एक फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर को दुकानों का निरीक्षण करते और पैसे ऐंठते पकड़ा गया। कारोबारियों ने फर्जी इंस्पेक्टर की जमकर धुनाई की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस कारोबारियों की शिकायत पर फर्जी इंस्पेक्टर को थाना ले गई जहां उससे पूछताछ की जा रही है। आरोपी दो दिन से शहर में फर्जी इंस्पेक्टर बनकर कारोबारियों से पैसे ऐंठ रहा था। वीरवार को कस्बे की एक दुकान में आरोपी पहुंचा। इस दौरान उसने दुकान में पॉलीथिन और प्रतिबंधित सामान रखने की जांच शुरू की।
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संबंधित फर्जी इंस्पेक्टर बीते मंगलवार और बुधवार को भी शहर की दुकानों का औचक निरीक्षण कर चुका था। इस दौरान उसने कई दुकानदारों का फर्जी चालान कर पैसे ऐंठे थे। वीरवार को लगातार तीसरे दिन कार्रवाई के चलते कारोबारियों को फर्जी इंस्पेक्टर पर संदेह हुआ। कारोबारियों ने फर्जी इंस्पेक्टर को कागजात दिखाने को कहा।
इस पर वह टालमटोल करने लगा। कारोबारियों ने भांप लिया कि वह फर्जी इंस्पेक्टर बनकर पैसे ऐंठ रहा है। इसके चलते कारोबारियों ने फर्जी इंस्पेक्टर की धुनाई कर डाली और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आरोपी को थाना ले गई। आरोपी ने टांडा में अपनी मां के उपचाराधीन होने का हवाला देकर यह ड्रामा रचने की बात कही है।
औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था। कई दुकानदारों ने चालान न करवाने के लिए फर्जी इंस्पेक्टर को 500 से दो हजार रुपये की राशि दी। दुकानदारों से ऐंठे पैसों की पुलिस जांच कर रही है।
दुकानदारों की शिकायत पर एक व्यक्ति को ठगी के आरोप में पकड़ा है। आरोपी व्यक्ति ज्वालामुखी का है और उसकी माता बीमार बताई जा रही है। आरोपी ने बताया कि टांडा अस्पताल में भर्ती अपनी मां के इलाज के लिए उसने ऐसा किया।- महेंद्र सिंह राणा, अतिरिक्त थाना प्रभारी, नादौन
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यहां कस्बे में एक फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर को दुकानों का निरीक्षण करते और पैसे ऐंठते पकड़ा गया। कारोबारियों ने फर्जी इंस्पेक्टर की जमकर धुनाई की और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।
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पुलिस कारोबारियों की शिकायत पर फर्जी इंस्पेक्टर को थाना ले गई जहां उससे पूछताछ की जा रही है। आरोपी दो दिन से शहर में फर्जी इंस्पेक्टर बनकर कारोबारियों से पैसे ऐंठ रहा था। वीरवार को कस्बे की एक दुकान में आरोपी पहुंचा। इस दौरान उसने दुकान में पॉलीथिन और प्रतिबंधित सामान रखने की जांच शुरू की।
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संबंधित फर्जी इंस्पेक्टर बीते मंगलवार और बुधवार को भी शहर की दुकानों का औचक निरीक्षण कर चुका था। इस दौरान उसने कई दुकानदारों का फर्जी चालान कर पैसे ऐंठे थे। वीरवार को लगातार तीसरे दिन कार्रवाई के चलते कारोबारियों को फर्जी इंस्पेक्टर पर संदेह हुआ। कारोबारियों ने फर्जी इंस्पेक्टर को कागजात दिखाने को कहा।
इस पर वह टालमटोल करने लगा। कारोबारियों ने भांप लिया कि वह फर्जी इंस्पेक्टर बनकर पैसे ऐंठ रहा है। इसके चलते कारोबारियों ने फर्जी इंस्पेक्टर की धुनाई कर डाली और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आरोपी को थाना ले गई। आरोपी ने टांडा में अपनी मां के उपचाराधीन होने का हवाला देकर यह ड्रामा रचने की बात कही है।
औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था। कई दुकानदारों ने चालान न करवाने के लिए फर्जी इंस्पेक्टर को 500 से दो हजार रुपये की राशि दी। दुकानदारों से ऐंठे पैसों की पुलिस जांच कर रही है।
दुकानदारों की शिकायत पर एक व्यक्ति को ठगी के आरोप में पकड़ा है। आरोपी व्यक्ति ज्वालामुखी का है और उसकी माता बीमार बताई जा रही है। आरोपी ने बताया कि टांडा अस्पताल में भर्ती अपनी मां के इलाज के लिए उसने ऐसा किया।- महेंद्र सिंह राणा, अतिरिक्त थाना प्रभारी, नादौन