महिला पैसों के लिए करवाती थी भ्रूण जांच, पुलिस ने ऐसे किया गोरखधंधे का पर्दाफाश
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पुलिस ने महिलाओं की भ्रूण जांच के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। हिमाचल में अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों पर कड़ी निगरानी के सरकारी दावों के बीच भ्रूण लिंग जांच करवाने के गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ है।
हमीरपुर के नादौन उपमंडल की महिला पर पैसे लेकर बिलासपुर के घुमारवीं स्थित एक निजी क्लीनिक में गर्भवती महिलाओं की जांच कराने का आरोप लगा है।
गुप्त सूचना पर हमीरपुर पुलिस ने घुमारवीं के निजी क्लीनिक में भ्रूण लिंग जांच करने के आरोप में डॉक्टर के साथ उक्त महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी महिला 25 वर्षों से यह रैकेट चला रही थी।
पुलिस ने बुना स्टिंग ऑपरेशन का जाल
आरोपी महिला ने भ्रूण लिंग जांच करवाने के लिए गर्भवती महिला से 18 हजार रुपये फीस ली थी और गर्भपात करवाने के दस हजार रुपये और मांगे थे। रविवार को हमीरपुर में प्रेस कांफ्र्रेंस कर एसपी हमीरपुर रमन कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर आरोपियों को पकड़ने की तैयारी 30 जनवरी को ही कर ली गई थी।
स्टिंग ऑपरेशन के लिए टीम बनाई गई थी। इसमें उपायुक्त और एसपी हमीरपुर सहित सीएमओ, महिला एवं बाल विकास अधिकारी और एक महिला एसआई शामिल थे। एसपी ने बताया कि सदर थाना में भ्रूण जांच करने की एक महिला की शिकायत पर आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
पुलिस को खबर मिली कि घुमारवीं में भ्रूण जांच के लिए महिलाओं को ले जाने का काम नादौन उपमंडल की एक महिला करती है। इसे पकड़ने और सबूत जुटाने को स्टिंग ऑपरेशन की जिम्मेदारी युवा महिला एसआई पूजा को दी गई।
एसआई पूजा ने ऐसे किया गोरखधंधे का पर्दाफाश
जिला प्रशासन ने उन्हें जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी उपलब्ध करवाए। प्रशासन की मदद करने को एक गर्भवती महिला भी तैयार हो गई। एसआई पूजा गर्भवती महिला की छोटी बहन बनकर आरोपी महिला के पास ले गई।
एसआई पूजा जब उक्त महिला के पास गई तो उसने गर्भवती महिला को भ्रूण जांच के लिए शनिवार का समय दिया। शनिवार को गर्भवती महिला और एसआई क्लीनिक में पहुंचीं तो चिकित्सक ने महिला का भ्रूण जांचने का कार्य शुरू कर दिया। इतने में पुलिस टीम ने क्लीनिक में छापा मारकर आरोपी चिकित्सक को रंगे हाथ पकड़ लिया है।
दो साल पहले भी आया था मामला
जिला मुख्यालय हमीरपुर के एक निजी क्लीनिक में दो साल पहले भी भ्रूण लिंग जांच का मामला पकड़ा गया था। एसडीएम स्तर के तीन अधिकारियों ने छापामारी करने के बाद अल्ट्रासाउंड क्लीनिक को सील कर दिया गया था।
भ्रूण जांच के आरोपी डॉक्टर को नोटिस देकर छोड़ा
घुमारवीं के एक निजी क्लीनिक में भ्रूण जांच मामले में गिरफ्तार डॉक्टर और एक महिला को पुलिस ने नोटिस देकर छोड़ दिया है। संबंधित एक्ट की धाराओं के तहत पुलिस ने आरोपियों को आगामी पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने के आदेश दिए हैं।
उधर, रविवार को सीएमओ बिलासपुर सहित स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के आला अधिकारियों की टीम अल्ट्रासाउंड सेंटर में मौजूद रहे। जानने की कोशिश की जा रही है कि सेंटर के संचालक डॉक्टर क्या किसी भी तरह के अल्ट्रासाउंड के लिए अधिकृत भी हैं या नहीं।
पुलिस उक्त डॉक्टर की डिग्रियों की जांच भी कर रही है। बताया जा रहा है कि यह डॉक्टर बीएएमएस है। उसके पास अल्ट्रासाउंड करने को लेकर डिग्री थी या नहीं, पुलिस इस बात की तसदीक कर रही है।
घुमारवीं में पहले भी सील हुआ था एक सेंटर
घुमारवीं में कुछ समय पहले एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को भ्रूण लिंग जांच के आरोप में भी सील किया गया था। लेकिन प्रशासन की इस कार्रवाई के बावजूद लिंग जांच का अवैध धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
शनिवार को सामने आए ताजा मामले के बाद प्रशासन और खासकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल उठने लगे हैं। लिंग जांच के अपराध पर नकेल कसने के लिए सख्त नियम कायदे हैं। इसके बावजूद भी धंधे पर रोक नहीं लग पाने को लेकर आम लोग भी सवाल उठा रहे हैं।