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पूर्व मंत्री के निजी सहायक समेत पांच से पूछताछ
बयूरो/ अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 21 Apr 2014 10:59 PM IST
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साधूपुल जमीन के मामले में पुलिस ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री राजीव बिंदल के निजी सहायक डीपी महाजन समेत पांच अधिकारियों से पूछताछ की है।
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जिसमें तत्कालीन नायब तहसीलदार कंडाघाट, कार्यालय कानूनगो कंडाघाट, ग्रामीण राजस्व अधिकारी पटवार वृत निहारा साधुपुल और अधीक्षक तहसील कार्यालय कंडाघाट शामिल हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में करीब एक घंटे तक पांचों लोगों से पूछताछ की गई ।
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पूर्व भाजपा सरकार के दौरान साधूपुल में सरकारी भूमि को पतंजलि योग ट्रस्ट को धोखाधड़ी से 96.2 बीघा जमीन 17 लाख एकमुश्त और एक रुपये प्रतिवर्ष की राशि पर 99 साल की लीज पर दी थी।
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इस संबंध में शिकायत मिलने पर पुलिस ने ट्रस्ट के पदाधिकारी आचार्य बालकृष्ण, ललित मोहन समेत अधिकारियों पर भादंसं की धारा 420/467/468/471/120 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों व जांच के दौरान संबंधित कार्यालयों से दस्तावेज कब्जे में लिए गए।
यह थी पुलिस की रिपोर्ट
23 फरवरी को शिकायत मिलने के बाद पुलिस की जांच में पाया गया है कि पतंजलि योगपीठ द्वारा मौजा चौहाड़ा तहसील कंडाघाट में सरकार से प्रोजेक्ट लगाने की मंजूरी ली, लेकिन राजस्व और पतंजलि योगपीठ के अधिकारियों ने साठगांठ करके मौजा कहलोग की जमीन को सरकार से मंजूर करवाने के लिए प्रस्ताव भेजा और मंजूरी ले ली।