अपनी मासूम बेटी को मौत देने वाली मां को उम्रकैद
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हिमाचल के रामपुर में एक महिला ने अपनी ही बेटी को बोझ समझकर मौत के घाट उतार दिया था। अब अदालत ने इस कलयुगी मां को इस आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायधीश किन्नौर स्थित रामपुर ने कुमारसैन तहसील के जरोल गांव की उनपा पत्नी नवजीत को धारा 302, 309 के तहत दोषी पाया है।
इस मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायधीश ने उनपा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक हजार रूपए का जुर्माना दने का फरमान जारी किया है।
जहर देकर उतारा था मौत के घाट
अगर दोषी महिला जुर्माना अदा नहीं कर पाती है तो, उसे एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। 24 जून 2012 को जरोल गांव की शिखा के घर नेपाल निवासी राजू आया और कहा कि कुछ हुआ है जल्दी चलो। राजू के कहने पर शिखा भी तुरंत चल पड़ी।
शिखा ने कहा कि जब वह नवजीत के घर पहुंची तो उनपा उल्टियां कर रही थी। उनपा ने जहर निगल लिया था। उनपा छ माह की बेटी गोरिया को भी जहर दे दिया। इस जहर से गोरिया की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में उनपा को स्वस्थ होने पर हिरासत में लिया। जहां पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला चला। इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी किन्नौर स्थित रामपुर सुरेश हेटा ने की।