पत्नी का बेरहमी से कत्ल, ढाई साल की बेटी को किया अधमरा
जिला सिरमौर के राजगढ़ के ठौड़ निवाड़ में नेपाल मूल के युवक ने पत्नी को दराट से कई वार कर मौत के घाट उतार दिया जबकि ढाई साल की बेटी को अधमरा कर फरार हो गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसे राजगढ़ से सोलन और फिर आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। आरोपी युवक की धरपकड़ के लिए जगह-जगह नाकेबंदी की गई है।
अभी तक आरोपी दबोचा नहीं जा सका है। पुलिस ने आरोपी का फोटो जारी कर जनता से उसकी सूचना देने की अपील की है। पुलिस के अनुसार नेपाल मूल का विशाल थापा अपने परिवार के साथ करीब दो महीने पहले काम की तलाश में ठौड़ निवाड़ आया था। रमेश बरमानी ने उसे अपने खेत का काम दिया। विशाल थापा अपनी पत्नी यमुना और बेटी मनीषा के साथ खेत में ही डेरा लगाकर रह रहा था।
कयास लगाए जा रहे हैं कि बुधवार रात किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया और उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पत्नी यमुना के गले, मुंह, हाथ और शरीर के कई हिस्सों में तेजधारदार हथियार से वार किए हैं। बच्ची मनीषा के सिर पर प्रहार किया है। वीरवार सुबह रमेश बरमानी ने कई बार आरोपी को काम के लिए फोन किए, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। वह खेत में पहुंचा तो यमुना को खून से लथपथ हालत में देख उसके होश फाख्ता हो गए। उसने पंचायत प्रधान सचिन मेहता व पुलिस को सूचना दी।
पंचायत प्रधान ने बताया कि उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो बच्ची की सांसें चल रही थीं। इसके बाद उसे 108 एंबुलेंस से राजगढ़ भेजा गया। जहां से उसे सोलन फिर शिमला रेफर किया गया। डीएसपी दुष्यंत सरपाल ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर डेरे से खून लगे दराट को कब्जे में लिया गया है। आशंका है कि इसी दराट से उसने महिला का कत्ल किया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने को कई टीमें भेजी हैं। राज्य की सीमाएं भी सील की गई हैं। पड़ोसी राज्य की पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गई है।
खून से लथपथ महिला ने बेटी को बाहों में छुपाकर त्यागे प्राण
खून से लथपथ हालत में भी मां की ममता नहीं डगमगाई। पति की ओर से किए गए कथित हमले में घायल नेपाली मूल की यमुना ने मृत्यु से पहले भी अपनी बेटी को खूब प्यार-दुलार किया है। ठौड़ निवाड़ के एक खेत में बने डेरे में महिला का शव जिस हालत में बरामद हुआ, उसे देखकर ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। जिस तरह मां अपने बच्चे को अपने साथ सुलाती है, ठीक उसी तरह से मृतक यमुना और बच्ची मनीषा पाए गए।
जांच की गई तो मनीषा की सांस चल रही थी। लिहाजा, मृतक मां से अलग कर उसे अस्पताल ले जाया गया। बेटी भी होश में आने के बाद अपनी मां के पास जाने को बेताब थी। 108 के ईएमटी पुष्पलता ने बताया कि उन्होंने पायलट कमल के साथ जब मनीषा को राजगढ़ लाया तो वह बेहोश थी। उसके सिर पर एक गहरा घाव था। उसे जब ऑक्सीजन दी गई तो वह होश में आ गई। उसने दो बार यह भी कहा कि उसे अपनी मम्मी के पास जाना है। पंचायत के प्रधान सचिन मेहता ने बताया कि दोनों साथ-साथ थे। बेटी को की सांस चली होने के कारण उसे तुरंत अस्पताल के लिए भेज दिया गया था।
उधर, इस हत्याकांड की वजह का पता नहीं चल पाया है। आखिर क्यों एक युवक अपने ही परिवार को हथियारा बन गया। यह सवाल पुलिस के लिए भी अभी तक पहेली बनकर रह गया है। महिला की मृत्यु हो चुकी है, जबकि ढाई साल की बच्ची की हालत गंभीर है। वह कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। लिहाजा, आरोपी विशाल थापा की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की वजह का पता चल सकेगा। डीएसपी दुष्यंत सरपाल ने बताया कि फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।