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अपने 11 साल के बेटे को दी थी बेरहम मौत, मिली उम्रकैद की सजा

Sat, 28 Jan 2017 08:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
ब्यूरो/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Updated Sat, 28 Jan 2017 08:49 AM IST
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life imprisonment in murder case by court

11 साल के अपने ही बेटे की हत्या का अभियोग साबित होने पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हंस राज की अदालत ने एक व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला हिमाचल के सिरमौर जिले का है। आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में उसे छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा।

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आरोपी ने 30 मई 2015 को अपने बेटे को कुल्हाल नहर में फेंका था। उप जिला न्यायवादी एकलव्य ने मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि मामला 30 मई 2015 का है। पांवटा साहिब तहसील के तहत करतारपुर निवासी राकेश कुमार की पत्नी ने थाना में रिपोर्ट
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दर्ज करवाई थी कि 30 मई 2015 को वह अपने पति राकेश और बेटे हिमांशु के साथ मोटरसाइकिल पर एसडीएम कोर्ट पांवटा आधार कार्ड बनवाने गए थे। करीब 12 बजे राकेश अपने बेटे हिमांशु को यह कहकर साथ ले गया कि उसके लिए कंप्यूटर खरीदना है। करीब डेढ़ घंटे बाद वह अकेला वापस आया और कहा कि हिमांशु निर्मल स्वीट शॉप के पास से कहीं गुम हो गया है। 

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पुलिस को इस तरह ‌हुआ शक

life imprisonment in murder case by court

उस वक्त हिमांशु की उम्र 11 वर्ष थी। पुलिस तफ्तीश के दौरान यह पाया गया कि गुमशुदा हिमांशु की तलाश रिश्तेदारी व अन्य संभावित स्थानों पर की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। राकेश के पिता व अन्य परिवार वाले जब राकेश से फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे तो वह फोन रिसीव नहीं कर रहा था।

लिहाजा, परिवार वालों को उस पर शक हुआ। पुलिस को दिए बयान में आरोप लगे थे कि वह हिमांशु को अवैध संतान मानता था। इस संदर्भ में आरोपी की पत्नी रीना देवी व आरोपी के पिता फतेह सिंह ने 31 मई 2015 को पुलिस के पास बयान दर्ज करवाया। जिसके आधार पर राकेश से पूछताछ की गई। पुलिस पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने हिमांशु को कुल्हाल नहर में फेंक दिया है।

उप जिला न्यायवादी ने बताया कि 12 जून 2015 को खार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट के समीप खारा लिंक बाईपास नहर में उसका शव बहता हुआ देखा गया। जगबीर सिंह नामक व्यक्ति ने यह शव देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने इस संदर्भ में आरोपी राकेश के खिलाफ भादंसं की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया था। शुक्रवार को आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने उक्त सजा सुनाई। 

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