{"_id":"608010408ebc3e8d03346750","slug":"kullu-cbi-s-raid-in-nhpc-stores-continued-for-second-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुल्लू: सीबीआई दूसरे दिन भी खंगाला एनएचपीसी का रिकार्ड","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
कुल्लू: सीबीआई दूसरे दिन भी खंगाला एनएचपीसी का रिकार्ड
Wed, 21 Apr 2021 10:07 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 21 Apr 2021 10:07 PM IST
विज्ञापन
सीबीआई
- फोटो : पीटीआई
नेशनल हाइड्रो पावर कारपोरेशन (एनएचपीसी) पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का शिकंजा दूसरे दिन भी कसा रहा। ब्यूरो की टीम एनएचपीसी की पार्वती जलविद्युत परियोजना (चरण दो) के गड़सा स्थित स्टोर और नगवाईं स्थित मुख्य कार्यालय में बुधवार को भी देर शाम तक जांच में जुटी रही। सीबीआई अधिकारी रिकार्ड और जरूरी दस्तावेजों को खंगालते रहे। कुल्लू-मंडी जिले में सीबीआई की मंगलवार से चल रही इस मैराथनी कार्रवाई से एनएचपीसी में हड़कंप मचर है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार के किसी मामले में सीबीआई एक्शन मोड में ली हैं। हालांकि, सीबीआई समेत एनएचपीसी और स्थानीय पुलिस अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। बता दें कि सीबीआई की टीम ने एनएचपीसी के गड़सा स्थित स्टोर और नगवाईं कार्यालय में मंगलवार सुबह करीब दस बजे एक साथ छापा मारा था। ब्यूरो की जांच टीम ने स्टोर को अपने कब्जे में ले लिया था। इसी कड़ी में बुधवार को भी सीबीआई की एक टीम सुबह से देर शाम तक स्टोर के भीतर जांच में जुटी रही।
विज्ञापन
नगवाईं स्थित एनएचपीसी के पार्वती प्रोजेक्ट-चरण दो के दफ्तर में भी दिनभर सीबीआई जांच जारी रही। टीम ने इस दौरान कई अहम रिकार्ड और दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। एनएचपीसी प्रोजेक्ट- चरण दो के महाप्रबंधक एलके त्रिपाठी ने सीबीआई की टीम के आने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच टीम ने कुछ रिकार्ड मांगा है, जो उन्हें सौंपा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि एनएचपीसी पार्वती जन विद्युत परियोजना के तहत जिला कुल्लू में दो चरणों में विद्युत उत्पादन की दिशा में काम कर रही है।
विज्ञापन
परियोजना के चरण-तीन में बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है, जबकि परियोजना के चरण- दो का निर्माण कार्य अभी जारी है। लंबे समय से चल रहे परियोजना के निर्माण कार्यों में एनएचपीसी को घोटाले, अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों का भी सामना करना पड़ रहा है। हाल में 1.23 करोड़ का स्टेटर बार घोटाला सुर्खियां बटोर चुका है। इससे पहले वर्ष 2014 में भी सीबीआई ने सीमेंट घोटाले को लेकर एनएचपीसी पर जांच का शिकंजा कसा था।