घर की पार्किंग से किडनेप किए कारोबारी बाप-बेटा, जंगल में फेंका
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हिमाचल के सोलन जिले में राजगढ़ मार्ग पर तीन नकाबपोशों ने कारोबारी बाप-बेटे को गन प्वाइंट पर किडनैप कर लिया। कारोबारी बाप-बेटे अपने घर की पार्किंग में कार पार्क कर रहे थे। नकाबपोश पहले से ही यहां छिपे थे। उन्होंने दोनों को गन प्वाइंट पर कार की पिछली सीट पर बैठाया और गाड़ी को उनके मालरोड स्थित फाइनेंस कंपनी कार्यालय में ले गए।
बताया जा रहा है कि यहां नकाबपोशों ने एक व्यक्ति विशेष के फाइनेंस (ऋण) से संबंधित कागज कब्जे में लिए। दोनों को फिर गाड़ी में धकेल दिया और मारपीट की। आरोप है कि इतने में हमलावर ने बेटे पर फायर कर दिया, लेकिन कारोबारी ने उसे पीछे खींच लिया। इससे वह बाल-बाल बच गया।
बाद में बाप-बेटे को नशीला पदार्थ सूंघाकर शमलेच के पास जंगल में फेंक दिया। कुछ दूरी पर गाड़ी छोड़कर नकाबपोश फरार हो गए। बाप और बेटे की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। शनिवार को एफएसएल की टीम घटनास्थल का दौरा करेगी। मामला पारिवारिक रंजिश का भी बताया जा रहा है।
एसपी अंजुम आरा ने कहा कि अमित अग्रवाल पुत्र चंद्रपाल निवासी नारायण विला सूर्या विहार राजगढ़ रोड सोलन का रहने वाला है। वह आनंद फाइनेंस इनवेस्टमेंट कंपनी चलाता है। उसके पिता हिमाचल कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर एंड क्रेडिट कंपनी में बतौर सचिव कार्यरत हैं। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
70 जगह साइन करवाए, एक करोड़ भी मांगे
मामला बुधवार देर रात का है। पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कार्यालय ले जाकर अपहरणकर्ता कह रहे थे कि राजकुमार मित्तल के सारे लोन के कागज हमें दे दो, नहीं तो तुम्हें मार देंगे। डर के कारण उन्होंने कार्यालय में वापस आकर उन्हें सारे
कागज दे दिए। इसके बाद दोनों को कार में बैठाकर शमलेच की तरफ ले गए। रास्ते में उन्होंने गोली भी चलाई, लेकिन उसके पिता ने अमित को उसे पीछे खींच लिया। इस कारण उसे गोली नहीं लगी। पुलिस के मुताबिक इससे पहले भी विवाद में मामले दर्ज हो चुके हैं।
एएसपी मनमोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शनिवार को एफएसएल की टीम शमलेच में जाकर तहकीकात करेगी। शिकायत में कहा है कि नकाबपोशों ने पिता-पुत्र से करीब 60 से 70 कागजों पर हस्ताक्षर करवाए। इसके बाद उनसे एक करोड़ की मांग की। उन्हें कुछ नशीला पदार्थ सुंघाकर वे तीनों भाग गए।