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आईएसआई, चीन के निशाने पर हिमाचल!

Sun, 27 Jul 2014 10:43 PM IST
Updated Sun, 27 Jul 2014 10:43 PM IST
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ISI and china Planned to Target Power projects of Himachal Pradesh

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और चीन हिमाचल के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे हैं। प्रदेश के पावर प्रोजेक्ट पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और चीन के निशाने पर हैं।

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प्रदेश में पावर प्रोजेक्ट न बनें, इसके लिए पर्यावरण संरक्षण के नाम पर काम करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (ग्रीन एनजीओ) को फंडिंग करने की आशंका जताई जा रही है।
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केंद्रीय खुफिया एजेंसी ने केंद्र सरकार को इसी आशंका को लेकर एक रिपोर्ट सौंपी है। अब हिमाचल सरकार आईबी और सीआईडी से प्रदेश में काम करने वाले एनजीओ की जांच कराने जा रही है, जिससे पूरी तस्वीर सामने आ सके।
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खुफिया एजेंसी ने केंद्र को सौंपी रिपोर्ट

ISI and china Planned to Target Power projects of Himachal Pradesh

सूबे में दस हजार मेगावाट के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बन चुके हैं। अभी प्रदेश की चार नदियों पर लगभग 17 हजार मेगावाट के प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। इसमें से सात हजार मेगावाट के प्रोजेक्ट आवंटित हो चुके हैं, लेकिन इन पनबिजली परियोजनाओं का पर्यावरण संरक्षण के नाम पर स्थानीय स्तर पर विरोध किया जा रहा है।

इससे पावर प्रोजेक्ट के निर्माण में लगातार बाधाएं आ रही हैं। हालांकि, अभी तक इस नजर से सरकार ने कभी ध्यान नहीं दिया था, लेकिन एक खुफिया एजेंसी ने केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी है। उस रिपोर्ट में यह इशारा किया गया है कि चीन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का विरोध कराने के लिए फंडिंग कर रही है।

उसी को आधार बनाकर हिमाचल सरकार की ओर से प्रदेश के ग्रीन एनजीओ की पड़ताल कराने की तैयारी है। सीआईडी और आईबी से जांच कराने की बात की जा रही है, जिससे ग्रीन एनजीओ का सच सामने आ सके।

क्यों पैदा हुआ शक

ISI and china Planned to Target Power projects of Himachal Pradesh

सतलुज जल विद्युत निगम भूटान में पांच हजार मेगावाट का हाइड्रो प्रोजेक्ट बनाने जा रहा है, लेकिन हिमाचल में ही जल विद्युत परियोजनाओं का विरोध हो रहा है। इससे सरकार की आशंका और बढ़ गई है।

अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं प्रोजेक्ट
हिमाचल में बनने वाले पावर प्रोजेक्ट प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं। निजी क्षेत्र की परियोजनाएं भी बीओटी (बिल्ट आपरेशन एंड ट्रांसफर) के आधार पर बनाई जा रही हैं। 40 साल में ये परियोजनाएं सरकार को ट्रांसफर हो जाएंगी, जिससे उत्पादित होने वाली बिजली को सरकार बेचती है।

सीआईडी और आईबी से कराएंगे जांच

ISI and china Planned to Target Power projects of Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश के प्रधान सचिव (ऊर्जा) एसकेबीएस नेगी ने बताया कि प्राथमिक सूचना मिली है कि हाइड्रो प्रोजेक्ट का विरोध कराने के लिए चीन और पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई की ओर से फंडिग की जा रही है।

यह कितना सच है, इसकी जांच कराने के लिए जल्द ही सीआईडी (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) और आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) को पत्र लिखा जाएगा। सरकार इसे गंभीरता से ले रही है।

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