नेताओं और अफसरों के घरों में भी पहुंचते रहे अवैध कटान के स्लीपर, प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा
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राजधानी शिमला से सटी कोटी वन रेंज के शलोट में हुए अवैध कटान की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि नेताओं और अफसरों की मिलीभगत से इस मामले को दबाने की कोशिश की गई। इन नेताओं और अफसरों के घरों में भी अवैध कटान के स्लीपर पहुंचते रहे हैं।
यहां पिछले लंबे समय से अवैध कटान हो रहा था। जब-जब शिकायतें हुईं, उस पर कोई गौर नहीं किया गया। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि समय आने पर इन नेताओं और अफसरों के नाम का खुलासा होगा। सच्चाई जनता के सामने लाई जाएगी।
पूर्व कांग्रेस सरकार ने बिगाड़ा है सिस्टम
गोविंद ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूरा सिस्टम बिगड़ा हुआ था। सिस्टम को सही तरीके से पटरी पर लाने के लिए समय लग रहा है। कांग्रेस चाहती तो काफी समय पहले ही तस्करों पर कार्रवाई हो जाती।
उन्होंने कहा कि सराहां जंगल में बीते पांच दिन में पकड़े गए सिडार ऑयल मामले में भी अफसरों की भूमिका ठीक नहीं रही है। जब यह कार्रवाई की जा रही थी तो उस समय छोटे अफसरों को यह कहा गया कि अब काम छोड़ो, कल देख लेंगे। तस्करों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।
जो भी संलिप्त होगा उस पर कड़ी कार्रवाई होगी
मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि जब-जब भी इस तरह के मामलों की जांच होती है हमेशा बड़े अफसर छोटे अधिकारियों-कर्मचारियों के सिर पर जांच का ठीकरा फोड़ देते हैं। जबकि ऐसे काम बड़े अफसरों की मिलीभगत से होते हैं। कर्मचारियों को सस्पेंड करना किसी बात का हल नहीं है।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे अन्य लोगों को सबक मिल सके। उन्होंने कहा कि शलोट में अवैध कटान हुआ है। देवदार से भरे जंगल में 416 अवैध पेड़ काटे गए हैं। इसमें जो भी अधिकारी और नेता संलिप्त होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।