आईएएस ने दी गवाही, पूर्व सीएम बन सकते हैं आरोपी
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हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन पर दर्ज दूसरी एफआईआर में भी विजिलेंस ब्यूरो पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को आरोपी बनाने जा रहा है।
इसके लिए गृह विभाग ने मामले की जांच कर रही स्टेट विजिलेंस की ड्राफ्ट चार्जशीट को भी हिदायत के साथ वापस लौटा दिया है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि जल्द ही इस केस की जांच पूरी कर धूमल को भी आरोपी बनाया जाए।
ऐसे में अब विजिलेंस जल्द ही जांच पूरी कर दूसरी बार अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसमें पूर्व सीएम का नाम आरोपियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा। आने वाले दिनों में धूमल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
आईएएस की गवाही से धूमल को घेरने की तैयारी
स्टेट विजिलेंस अब कांगड़ा के पूर्व डीसी रहे आईएएस अधिकारी केके पंत के बयानों को आधार बनाकर पूर्व सीएम के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।
विजिलेंस पूछताछ में पंत ने कहा था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही उन्होंने भवन गिराने को लेकर बैठक की गई थी। पहली एफआईआर में पहले ही धूमल पर केस बनाया जा चुका है।
विजिलेंस ने धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम के साथ लगती शिक्षा विभाग की 720 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जे और इस पर बने स्टाफ क्वार्टरों को गिराने के केस में एचपीसीए पर दूसरी एफआईआर दर्ज की थी। इसकी ड्राफ्ट चार्जशीट विजिलेंस ने अभियोजन मंजूरी के लिए गृह विभाग को भेजी थी।
विजिलेंस ने पूर्व सीएम को फिर किया जवाबतलब
विजिलेंस ने धूमल को एक प्रश्नावली भी भेज दी है। अब ताजा हिदायत मिलने के बाद विजिलेंस ने तर्क दिया है कि चूंकि इस केस में पूर्व मुख्यमंत्री से पहले पूछताछ नहीं हुई है, इसलिए ये प्रक्रिया बाद में पूरी की जाएगी।
इससे पहले गृह विभाग पांच अफसरों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी दे दी। इन अफसरों में आईएएस अधिकारी केके पंत, धर्मशाला कालेज के पूर्व प्रिंसिपल ललित मोहन शर्मा और नरेंद्र अवस्थी, पीडब्ल्यूडी के रिटायर एक्सिइन देवीचंद चौहान, एसडीओ महेंद्र कटोच शामिल हैं।
एचपीसीए की ओर से इसमें प्रवक्ता संजय शर्मा, अतर सिंह नेगी और गौत्तम ठाकुर के नाम हैं। सोमवार को कार्यवाहक मुख्य सचिव पी. मित्रा एवं अन्य अफसरों के साथ एडीजीपी विजिलेंस पृथ्वीराज की अहम बैठक हुई। इसके बाद अब सरकार पांच अफसरों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी जल्द दे सकती है। इसके बाद धर्मशाला कोर्ट में इस केस का चालान पेश होगा।