सरकारी डॉक्टर ने निजी अस्पताल में किया ऑपरेशन, मरीज की मौत
जिला शिमला के रामपुर उपमंडल के खनेरी में सरकारी डॉक्टर की लापरवाही से पथरी के मरीज की मौत हो गई। रिकांगपिओ के खवांगी गांव के नरेंद्र सिंह (60) क्षेत्रीय अस्पताल खनेरी में इलाज करवा रहे थे। ऑपरेशन के लिए डॉक्टर इन्हें मई महीने की तारीख दे रहे थे। जल्द ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ने इन्हें निजी क्लीनिक का पता दिया। 27 हजार रुपये लेकर शुक्रवार देर रात सरकारी डॉक्टर ने खुद निजी क्लीनिक में नरेंद्र का ऑपरेशन किया। लेकिन शनिवार तड़के नरेंद्र की हालत बिगड़ गई और करीब छह बजे दम तोड़ दिया।
नरेंद्र की मौत से परिजन भड़क गए। नरेंद्र के बेटे कुलविंद्र और बेटी रेणु इस बात पर अड़ गए कि जब तक सरकारी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता, वे शव नहीं लेंगे। हालांकि, शिकायत के बाद पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। डीएसपी सोम दत्त ने बताया कि डॉक्टर पर धारा 304 (ए) के तहत लापरवाही का मामला दर्ज किया है। वहीं, एसडीएम रामपुर दलीप नेगी ने भी जांच के आदेश दे दिए हैं।
डॉक्टर दोषी पाया गया तो कार्रवाई
कुलविंद्र और रेणु ने बताया कि सर्जन डॉ. राजेश्वर ठाकुर के कहने पर वे अपने पिता को निजी अस्पताल ले गए। लेकिन जिस निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया, वहां पर शल्य चिकित्सा की पूरी सुविधाएं नहीं थीं जबकि ऑपरेशन के लिए 27 हजार रुपये लिए गए थे। दोनों ने डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
खनेरी अस्पताल के एसएमओ मनोज कपूर ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों को नॉन प्रेक्टिस भत्ता दिया जाता है। कोई डॉक्टर निजी अस्पताल में ऑपरेशन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। लिखित शिकायत आने पर डॉक्टर दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई होगी।
पहले भी लेते रहे हैं डॉक्टर की सेवाएं- निजी अस्पताल के संचालक डॉ. बृज ठाकुर ने कहा कि खनेरी अस्पताल के चिकित्सक राजेश्वर ठाकुर ने ही मरीज का ऑपरेशन किया है। उन्होंने कोई धनराशि लिए बिना धर्मार्थ ऑपरेशन किया था। पहले भी उक्त डॉक्टर की सेवाएं ली जाती रही हैं।