यहां शिक्षा के मंदिर में सिखाते हैं जातिवाद का पाठ
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हिमाचल मंडी जिला के सराज क्षेत्र में शिक्षा के मंदिर में ही बच्चों को सिखाया गया कि जातिवाद क्या होता है। इसी आधार पर दलित वर्ग के बच्चों को स्कूल के एक कार्यक्रम में अलग बिठाकर खाना खिलाया गया।
हैरानी इस बात की है इस पूरे कृत्य में वह शिक्षक संलिप्त है जिन पर बच्चों पर समानता और एकता का पाठ पढ़ाने की जिम्मेदारी बनती है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर स्कूल प्रशासन के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत मुकद्दमा दर्ज कर लिया है।
मामला राजकीय प्राथमिक पाठशाला मुराह के गोल्डन जुबली समारोह का है। जब स्कूल के गोल्डन जुबली कार्यक्रम में दलित वर्ग के बच्चों को सामान्य श्रेणी के बच्चों से अलग बिठाकर खाना खिलाया गया।
यहां जातिगत भेदभाव चरम पर है
मामला उस समय पुलिस को पता चला जब स्थानीय निवासी उत्तम राम पुत्र सौजू राम निवासी मुराह ने पूरा वाकये को लेकर लिखित शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए पूरे स्कूल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
इसका हिमालय में सामाजिक आर्थिक समानता के लिए जन अभियान ने स्वागत किया है। राज्य सचिव बीआर भाटिया ने बताया कि सराज क्षेत्र प्रदेश का पहला इलाका है।
यहां हर प्रकार का जातिगत भेदभाव चरम पर है। उन्होंने डीसी मंडी से इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी करते हुए गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने पूरे सराज क्षेत्र को एट्रोसीटी प्रोन एरिया घोषित करने का आग्रह किया है। एसपी मोहित चावला ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया है।