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Gorakhpur News: 1362 गांव-मोहल्लों में 1224 विवाद चिन्हित, चौपाल से पुलिस करेगी समाधान
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- जमीन के 466 और रास्ते के 109 मामले सामने आए, सूची में पटीदारी, रंजिश, नाली, मेड़, संपत्ति, आशनाई और राजनीतिक विवाद भी शामिल
- पुरानी रंजिश में हुए बिजली ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी हत्याकांड के बाद एसएसपी ने जारी किए थे निर्देश
गोरखपुर। बिजली ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी हत्याकांड के बाद छोटे-छोटे विवादों को बड़ी घटना में बदलने से रोकने के लिए पुलिस अब गांवों और शहर के मोहल्लों में चौपाल लगाएगी। जिले के 1362 गांव-मोहल्लों में 1224 विवाद चिन्हित किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 466 मामले जमीन से जुड़े हैं, जबकि 109 विवाद रास्ते को लेकर हैं। चौपाल में लोगों की समस्याएं सुनने के साथ ही विवाद की वास्तविक वजह पता कर उसके समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। चौपाल में राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद रहेगी। बृहस्पतिवार से पुलिस की चौपाल लगनी शुरू भी हो गई।
एसएसपी के निर्देश पर सभी थानों ने अपने-अपने क्षेत्र के विवादित गांवों और मोहल्लों की सूची तैयार की है। इसमें पटीदारी, जमीन, रंजिश, नाली, रास्ता, मेड़, संपत्ति, आशनाई, राजनीतिक और जातीय रंजिश से जुड़े विवाद शामिल हैं। पुलिस ने ऐसे स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया है, जहां लंबे समय से विवाद चल रहे हैं या छोटी-छोटी बातों को लेकर बार-बार तनाव की स्थिति बनती है। पुलिस का उद्देश्य किसी विवाद के गंभीर रूप लेने से पहले ही उसकी वजह का पता लगाकर प्रभावी कार्रवाई करना है। चौपाल के दौरान ग्रामीणों की शिकायतें सुनी जाएंगी और संबंधित पक्षों से बातचीत कर विवाद की स्थिति समझी जाएगी। जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों के सहयोग से समाधान की पहल भी की जाएगी।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि पुलिस चौपाल के जरिये केवल शिकायतों का निस्तारण ही नहीं करेगी, बल्कि गांव की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी। क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों और उनके सत्यापन की जानकारी जुटाई जाएगी। पुरानी रंजिश रखने वाले लोगों का भी सत्यापन होगा, ताकि संभावित विवाद या घटना की आशंका का पहले ही पता लगाया जा सके।
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हिस्ट्रीशीटरों की भी होगी निगरानी
चिन्हित गांवों और मोहल्लों में पुलिस हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग करेगी। उनकी वर्तमान गतिविधियों, संपर्क और क्षेत्र में आवाजाही की जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस का मानना है कि विवादित स्थानों पर सक्रिय लोगों की निगरानी से छोटी घटनाओं को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता है।
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कैंट सर्किल में सबसे ज्यादा 305 विवाद
चिन्हित विवादों में कैंट सर्किल सबसे आगे है। यहां 202 गांव-मोहल्लों में 305 विवाद सामने आए हैं। कैंपियरगंज में 255 स्थानों पर 265, खजनी में 265 स्थानों पर 144 और बांसगांव में 185 स्थानों पर 123 विवाद चिन्हित किए गए हैं।
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जमीन के विवाद सबसे अधिक
पुलिस की सूची में जमीन से जुड़े 466 विवाद सबसे अधिक हैं। इसके बाद रास्ते को लेकर 109 मामले सामने आए हैं। अन्य विवादों में पटीदारी, आपसी रंजिश, नाली, मेड़, संपत्ति, आशनाई, राजनीतिक और जातीय रंजिश के मामले शामिल हैं। पुलिस अब इन विवादों की गंभीरता के आधार पर चौपाल और निगरानी की प्राथमिकता तय करेगी।
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सर्किल
गांव-मोहल्ले
विवाद
कोतवाली
90
64
कैंट
202
305
गोरखनाथ 80
61
कैंपियरगंज 255
265
गीडा
116
26
चौरीचौरा
130
103
बांसगांव 185
123
गोला
39
39
खजनी 265
144
कुल
1362
1224
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- पुरानी रंजिश में हुए बिजली ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी हत्याकांड के बाद एसएसपी ने जारी किए थे निर्देश
गोरखपुर। बिजली ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी हत्याकांड के बाद छोटे-छोटे विवादों को बड़ी घटना में बदलने से रोकने के लिए पुलिस अब गांवों और शहर के मोहल्लों में चौपाल लगाएगी। जिले के 1362 गांव-मोहल्लों में 1224 विवाद चिन्हित किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 466 मामले जमीन से जुड़े हैं, जबकि 109 विवाद रास्ते को लेकर हैं। चौपाल में लोगों की समस्याएं सुनने के साथ ही विवाद की वास्तविक वजह पता कर उसके समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। चौपाल में राजस्व विभाग की टीम भी मौजूद रहेगी। बृहस्पतिवार से पुलिस की चौपाल लगनी शुरू भी हो गई।
एसएसपी के निर्देश पर सभी थानों ने अपने-अपने क्षेत्र के विवादित गांवों और मोहल्लों की सूची तैयार की है। इसमें पटीदारी, जमीन, रंजिश, नाली, रास्ता, मेड़, संपत्ति, आशनाई, राजनीतिक और जातीय रंजिश से जुड़े विवाद शामिल हैं। पुलिस ने ऐसे स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया है, जहां लंबे समय से विवाद चल रहे हैं या छोटी-छोटी बातों को लेकर बार-बार तनाव की स्थिति बनती है। पुलिस का उद्देश्य किसी विवाद के गंभीर रूप लेने से पहले ही उसकी वजह का पता लगाकर प्रभावी कार्रवाई करना है। चौपाल के दौरान ग्रामीणों की शिकायतें सुनी जाएंगी और संबंधित पक्षों से बातचीत कर विवाद की स्थिति समझी जाएगी। जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों के सहयोग से समाधान की पहल भी की जाएगी।
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एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि पुलिस चौपाल के जरिये केवल शिकायतों का निस्तारण ही नहीं करेगी, बल्कि गांव की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी। क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों और उनके सत्यापन की जानकारी जुटाई जाएगी। पुरानी रंजिश रखने वाले लोगों का भी सत्यापन होगा, ताकि संभावित विवाद या घटना की आशंका का पहले ही पता लगाया जा सके।
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हिस्ट्रीशीटरों की भी होगी निगरानी
चिन्हित गांवों और मोहल्लों में पुलिस हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग करेगी। उनकी वर्तमान गतिविधियों, संपर्क और क्षेत्र में आवाजाही की जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस का मानना है कि विवादित स्थानों पर सक्रिय लोगों की निगरानी से छोटी घटनाओं को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता है।
कैंट सर्किल में सबसे ज्यादा 305 विवाद
चिन्हित विवादों में कैंट सर्किल सबसे आगे है। यहां 202 गांव-मोहल्लों में 305 विवाद सामने आए हैं। कैंपियरगंज में 255 स्थानों पर 265, खजनी में 265 स्थानों पर 144 और बांसगांव में 185 स्थानों पर 123 विवाद चिन्हित किए गए हैं।
जमीन के विवाद सबसे अधिक
पुलिस की सूची में जमीन से जुड़े 466 विवाद सबसे अधिक हैं। इसके बाद रास्ते को लेकर 109 मामले सामने आए हैं। अन्य विवादों में पटीदारी, आपसी रंजिश, नाली, मेड़, संपत्ति, आशनाई, राजनीतिक और जातीय रंजिश के मामले शामिल हैं। पुलिस अब इन विवादों की गंभीरता के आधार पर चौपाल और निगरानी की प्राथमिकता तय करेगी।
सर्किल
गांव-मोहल्ले
विवाद
कोतवाली
90
64
कैंट
202
305
गोरखनाथ 80
61
कैंपियरगंज 255
265
गीडा
116
26
चौरीचौरा
130
103
बांसगांव 185
123
गोला
39
39
खजनी 265
144
कुल
1362
1224