30 लाख की ठगी को अंजाम देकर शातिर फरार
- आढ़ती से 17 लाख, पोस्टमैन से ठगे 13 लाख
- सेब का व्यापारी बनकर आढ़ती से ठगे 17 लाख
- पोस्टमैन से लोन के नाम पर ऐंठ लिए 13 लाख
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लोगों को ठगने के लिए शातिर हर बार नए-नए हथकंडे अपनाकर लाखों की चपत लगा रहे हैं। ताजा दर्ज मामले में शिमला शहर में एक आढ़ती और पोस्टमैन से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। दोनों ही मामलों में शिकायत आने के बाद थाना ढली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आढ़ती को शातिर करीब 17 लाख का चूना लगाकर फरार हो गए। वहीं दूसरी ओर पोस्टमैन से ठगों ने 13 लाख रुपये ऐंठ लिए हैं। इनमें से आढ़ती सब्जी मंडी में दुकान चलाता है और पोस्टमैन ढली डाकघर में कार्यरत है। एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
सेब सीजन के दौरान आढ़ती के पास तीन लोग आए और उन्होंने खुद को व्यापारी बताया। उन्होंने कहा कि वह सेब की खरीद करना चाहते हैं। इसके बाद आढ़ती उन्हें सेब देने लगा। आरोपी पहले तो सेब का भुगतान करते रहे लेकिन बाद में आढ़ती को विश्वास में लेकर सेब की पेटियां उधार में उठाते रहे। आरोपियों ने आढ़तियों का यह झांसा दिया कि जैसे ही सेब देश की दूसरी मंडियों में बिकेगा वह भुगतान कर देंगे।
उनकी बातों में आकर सेब की सप्लाई करते रहे। अंत में जब भुगतान की बारी आई तो टाल मटोल करने लगे। बाद में आरोपियों ने मोबाइल भी स्विच ऑफ कर दिए। बताया जा रहा है कि आढ़ती को करीब सत्रह लाख का चूना लगाया गया है। आढ़ती की शिकायत के आधार पर पुलिस में मुकदमा कायम कर दिया गया है। शातिरों की तलाश की जा रही है।
पोस्टमैन से लोन के नाम पर ऐंठ लिए 13 लाख
पोस्टमैन को एक गाड़ी खरीदने के लिए तीन लाख लोन की जरूरत थी। उन्हें एक व्यक्ति ने फोन कर कहा कि तीन लाख कर्ज देने से पहले कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होगी और इसके लिए प्रोसेसिंग फीस भी चुकानी होगी। इसके लिए पोस्टमैन तैयार हो गया। इस पर आरोपी ने झांसे में लेते हुए कहा कि उनकी कंपनी गाड़ी ही नहीं बल्कि दूसरे कामों के लिए भी बहुत कम ब्याज दरों पर कर्ज देती है।
आरोपी ने पोस्टमैन को तीस लाख लोन का ऑफर दिया। पोस्टमैन आरोपी के बनाए जाल में फंस गया। लोन के नाम पर अलग अलग बहाने बनाकर 13 लाख छह हजार एक सौ चौंतीस रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद जब आरोपी ने फिर से पैसे मांगे तब जाकर उसे खुद के साथ ठगी होने का अहसास हुआ।
बताया जा रहा है कि पोस्टमैन ने कर्ज मिलने की आस में अपने परिचितों से भी पैसे लिए थे उसने यह आश्वस्त किया था कि लोन मिलते ही उनके पैसे लौटा देगा। पुलिस अब पोस्टमैन की ओर से दिए गए मोबाइल नंबरों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर शातिरों की खोज कर रही है।