{"_id":"5ae47c054f1c1b3b0b8b6ee7","slug":"four-year-imprisonment-for-selling-medicines-without-license","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेशनरी की दुकान में दवाएं बेचने पर चार साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
स्टेशनरी की दुकान में दवाएं बेचने पर चार साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Sun, 29 Apr 2018 07:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला एवं सत्र न्यायाधीश पदम सिंह की अदालत ने शनिवार को स्टेशनरी की दुकान में अंग्रेजी दवाइयां बिना लाइसेंस रखने और बेचने पर दोषी को चार साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि का भुगतान न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास होगा।
विज्ञापन
रमेश चंद गांव हौड़ तहसील नादौन जिला हमीरपुर को स्टेशनरी की दुकान में बिना लाइसेंस अंग्रेजी दवाइयां रखने और बेचने का दोषी पाया गया है। जिला न्यायवादी सीएस भाटिया ने कहा कि एक जनवरी 2013 को ड्रग इंस्पेक्टर लवली ठाकुर ने गवाहों के सामने रमेश चंद की दुकान भड़ोली में औचक निरीक्षण किया तो दुकान के अंदर 61 किस्म
विज्ञापन
की अंग्रेजी दवाइयां बेचने के लिए पाई गईं। दोषी इनका कोई भी लाइसेंस और बिल नहीं दिखा सका। ड्रग इंस्पेक्टर ने दवाइयों को कब्जे में लेकर केस दर्ज किया था। शनिवार को दोषी के खिलाफ आरोप सिद्ध होने पर सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन