डीजीपी ने एसएचओ बालूगंज को किया सस्पेंड, बटालियन भेजा
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हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में शिमला के थाना बालूगंज प्रभारी इंस्पेक्टर वीरी सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इन्हें एसएचओ बालूगंज से हटाकर जुंगा बटालियन भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश पुलिस प्रमुख डीजीपी संजय कुमार की ओर से यह आदेश दिए गए हैं।
इस बारे में एसपी शिमला को भी पुलिस मुख्यालय की ओर से आदेश की प्रति थमाई गई है। निलंबन से पहले इस पूरे मामले में एसपी शिमला और संबंधित थाने के एसओ से भी कोई कमेंट नहीं लिए गए हैं। निलंबन का सीधा आदेश डीजीपी की ओर से हुआ है।
बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी के खिलाफ दुर्व्यवहार के मामले में यह कार्रवाई की गई है। शिकायत मिलने के बाद डीजीपी ने जांच बिठाई थी, वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया। शनिवार को इस बारे में प्रदेश पुलिस मुख्यालय से एसपी शिमला कार्यालय में पत्र भी पहुंच चुका है।
थाना प्रभारी पर लगे थे गंभीर आरोप, ये है पूरा मामला
17 मार्च 2016 की शाम 6 बजे के करीब टुटू निवासी एक व्यक्ति ने हीरानगर के बीच नाल्टू के जंगल में सड़क किनारे कुछ लोगों को एक व्यक्ति की बुरी तरह मारपीट करने की शिकायत पुलिस को दी थी। इस पर पुलिस ने मारपीट कर रहे तीन व्यक्तियों को वाहन सहित बालूगंज में दबोच लिया था।
लेकिन घायल व्यक्ति का कोई अता-पता नहीं चलने पर झूठी शिकायत बताकर अगले दिन सुबह एसएचओ ने शिकायतकर्ता को बयान के लिए थाने में बुलाया। सूचना देने वाले व्यक्ति का आरोप था कि यहां उसकी बेरहमी से पिटाई की गई।
इसकी शिकायत शिकायतकर्ता व स्थानीय संगठनों की ओर से पुलिस प्रमुख व जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को भी की गई। विकास समिति टुटू की ओर से भी थाना प्रभारी की निलंबन की मांग जोर शोर से की गई थी।
वहीं, रविवार शाम हिमाचल प्रदेश प्रमुख डीजीपी संजय कुमार से जब इस मामले में प्रतिक्रिया लेनी चाही तो उन्होंने कहा कि अभी उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। सोमवार को वर्किंग डे पर ही इस बारे में बता पाएंगे।