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शिमला में सीबीआई ने की छापेमारी, रिकॉर्ड जब्त

Tue, 23 Sep 2014 08:42 AM IST
Updated Tue, 23 Sep 2014 08:42 AM IST
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cbi raid at shimla

केंद्रीय विभागों में आवासों की अलॉटमेंट में चल रहे गड़बड़झाले को लेकर सोमवार को सीबीआई ने राजधानी में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सीबीआई की चार टीमों ने शहर में स्थित विभिन्न सीपीडब्ल्यूडी की कॉलोनियों में दबिश दी और संबंधित विभागों से पूरा रिकार्ड कब्जे में ले लिया है।

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सूत्रों के मुताबिक छानबीन में अलॉटमेंट को लेकर कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं। इसमें अवैध रूप से सरकारी आवासों की सब-लेटिंग की बात भी पुख्ता हुई है। सीबीआई जांच प्रभावित न हो इसको देखते हुए अभी जांच एजेंसी मामले का पूरा खुलासा नहीं कर रही।
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केंद्रीय जांच ब्यूरो की इस कार्रवाई से केंद्रीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया है। सीबीआई को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि केंद्रीय कर्मचारियों को होने वाली अलॉटमेंट में अनियमितताएं बरती जा रही हैं।

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शिकायतों के बाद की कार्रवाई

cbi raid at shimla

आबंटन को लेकर कई लोगों ने बाकायदा लिखित रूप में शिकायतें की थीं। बड़ी संख्या में शिकायतें आने के बाद सीबीआई ने रणनीति के तहत सोमवार सुबह चार अलग अलग टीमों का गठन किया और सभी कॉलोनियों में एक साथ दबिश दी।

गौरतलब है कि इससे पूर्व में भी केंद्रीय विभागों के आवासों की अवैध रूप से सबलेटिंग के मामले सामने आते रहे हैं और सीबीआई द्वारा कार्रवाई भी होती रही है। अब यह नया मामला सामने आने से नियमों को दरकिनार करने वाले केंद्रीय कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

सीबीआई के उच्चपदस्थ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। वहीं सीबीआई की छापेमारी को लेकर दिनभर यहां हड़कंप मचा रहा है।

यहां हुई छापामारी

cbi raid at shimla

सीबीआई की विभिन्न टीमों ने शहर के सीपीडब्ल्यूडी कालोनियों में सुबह 10 बजे ही दबिश दे दी। इसमें ग्रैंड होटल की कालोनी सहित लांगवुडए खलीनी और टूटीकंडी की कॉलोनियां शामिल हैं। सीबीआई की छापेमारी से आज दिनभर यहां हड़कंप मचा रहा।

ऑनलाइन होता है अलॉटमेंट
केंद्रीय विभागों में आवासों की अलॉटमेंट के लिए आनलाइन आवेदन होता है। इसके बाद पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवास आवंटित करने का प्रावधान है। शिकायतों में पता चला है कि संबंधित अलॉटमेंट अधिकारियों ने पात्रता को दरकिनार कर ऊंचे ओहदे पर बैठे अधिकारियों और चहेते को आवासों का आवंटन किया है। कई केंद्रीय कर्मचारियों ने आवासों को अवैध तरीके से सब-लेट भी किया है।

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