सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत बेहिसाब संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। शनिवार को सीबीआई ने दिल्ली से लेकर शिमला तक उनके ठिकानों पर गहन छापे की कार्रवाई की। सीबीआई की छापे की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है। भाजपा ने तत्काल वीरभद्र के इस्तीफे की मांग कर दी है।
शनिवार सुबह सीबीआई ने वीरभद्र सिंह के हिमाचल और दिल्ली में जंतर मंतर रोड पर स्थित आवासों के अलावा उनसे संबंधित कुल 11 जगहों पर छापे मारे। बताया जा रहा है कि इस छापेमारी में सीबीआई के साथ प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी भी मौजूद थे। छापेमारी को दोनों ही विभागों का संयुक्त प्रयास करार दिया गया है। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के 18 लोगों की टीम ने उनके घर में छानबीन की।
2009 से 2012 का है मामला
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने अफसोस भी जाहिर किया कि बेटी की शादी थी, फिर भी छापा मारा। मगर सीबीआई अधिकारियों का मानना है कि ऐसे मौके छापेमारी के लिए बेहद महफूज होते हैं। ऐसे मौकों पर व्यक्ति को कुछ छिपाने का अवसर नहीं मिल पाता है। सूत्रों की मानें तो छापेमारी में सीबीआई को कुछ सफलता भी मिली है। छानबीन के दौरान वीरभद्र के यहां से उसे आरोपों को पुख्ता करने वाले कागजात हाथ लगे हैं।
वैसे उन पर आयकर विभाग से धोखाधड़ी के भी आरोप हैं। आयकर विभाग को उनके 2009 से 2012 तक संशोधित रिटर्न में खमियां हाथ लगी हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में सेब के बगीचों से मोटी कमाई की है। इसके अलावा यूपीए सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते वक्त उनपर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगा है। उन पर लगभग छह करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति बनाने के आरोप लगे हैं।