हजारों की जाली करंसी मामले में बैंक प्रबंधन पर केस
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उपमंडल पांवटा साहिब के एक बैंक से नोटबंदी के दौरान हजारों रुपयों के जाली नोटों की पुरानी करंसी आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय कानपुर पहुंच गई। आरबीआई की ओर से जब करंसी को जांच के लिए भेजा तो नकली पाई गई।
बैंक से कुल 88,500 रुपये नोटबंदी के दौरान आरबीआई को भेजे गए थे। आरबीआई के अनुभाग अधिकारी कानपुर सत्य कुमार दाबा ने इस मामले में पांवटा पुलिस थाने में बैंक प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज करवाया है।
जानकारी के मुताबिक भारतीय स्टेट बैंक की पांवटा शाखा की ओर से नोटबंदी के दौरान 1000 रुपये के 34 और 500 रुपये के 109 नोट आरबीआई को भेजे गए थे।
जांच के दौरान पता चला कि ये नोट बैंक की पांवटा शाखा से प्राप्त हुए हैं। बैंक की ओर से भेजी गई जाली करंसी की जांच बाकायदा मध्यप्रदेश के देवास स्थित बैंक नोट प्रेस के महाप्रबंधक ने की है।
पांवटा से पहुंचे 88500 के नकली नोट
इसके बाद पता चला कि पांवटा से पहुंचे 88500 के नोट नकली हैं। आरबीआई की ओर से इसका डाटा एनसीआरबी की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है। इसके बाद बैंक प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
हालांकि, यह पुलिस की जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि बैंक के पास जाली करंसी कैसे आई। यदि पुरानी करंसी को लोगों ने बैंक में जमा किया था तो बैंक ने करंसी की जांच क्यों नहीं की? यही नहीं, बैंक के पास जाली करंसी को जमा करने वाले का ब्योरा है या नहीं, यह बात भी जांच में ही साफ होगी।
बहरहाल, पुलिस ने आरबीआई की शिकायत पर बैंक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। मामले की पुष्टि एएसपी सिरमौर वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने की है। उन्होंने बताया कि आरबीआई की ओर से उन्हें शिकायत मिली है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है।