रिश्वत लेने का मामला: वाहनों की पासिंग और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द, एमवीआई निलंबित
फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने और पासिंग के लिए रिश्वत लेने के आरोपी मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) अभिषेक को निलंबित कर दिया है। साथ ही 100 से अधिक वाहनों की पासिंग और बने ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
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फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने और पासिंग के लिए रिश्वत लेने के आरोपी मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) अभिषेक को निलंबित कर दिया है। शनिवार को हुई 100 से अधिक वाहनों की पासिंग और बने ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। इससे पहले भी आरोपी एमवीआई की ओर से संबंधित जारी लाइसेंस और पासिंग वाहन भी विजिलेंस जांच के दायरे में हैं। बल्ह आरएलए (रजिस्ट्रेशन लाइसेंस अथॉरिटी) में भी दस्तावेज खंगाले जा सकते हैं। वहां से लाइसेंस और पासिंग के करीब 80 टोकन जारी हुए हैं। विजिलेंस आरोपियों और उनके परिजनों के खातों को खंगालने में जुट गई है। उधर, आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। यहां से उन्हें तीन दिन की रिमांड मिली है।
बता दें कि शनिवार को एमवीआई और दो बिचौलियों को रिश्वत के पैसों के साथ रंगेहाथों धरा गया था। बल्ह के कंसा चौक पर गाड़ियों की पासिंग के बाद तीनों सुंदरनगर स्थित बीबीएमबी झील के किनारे गाड़ी खड़ी कर रिश्वत के 1.13 लाख आपस में बांट रहे थे। विजिलेंस ने तीनों को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। रविवार को एमवीआई के हमीरपुर स्थित आवास में भी विजिलेंस ने दबिश दी और कुछ अहम कागजात कब्जे में लिए। आरोपी एमवीआई अभिषेक बिलासपुर में कार्यरत हैं। वर्तमान में इनके पास मंडी जिला के उपमंडल बल्ह और सुंदरनगर का अतिरिक्त कार्यभार भी है। इनके खिलाफ विजिलेंस को शिकायतें मिली थीं कि वह पासिंग और ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नाम पर रिश्वत ले रहे हैं। इनके साथ विनोद निवासी सुंदरनगर और प्रीतम ठाकुर निवासी खुडला को भी विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। विजिलेंस के एसपी राहुल नाथ ने कहा कि हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।