शिमला रेप केसः निलंबित आईजी जैदी को सीबीआई कोर्ट से बड़ा झटका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड़िया दुराचार और हत्या मामले से संबंधित लॉकअप मौत प्रकरण में हिमाचल पुलिस के निलंबित आईजी जहूर एच जैदी को अदालत से राहत नहीं मिल पाई है। शिमला में सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को उनकी जमानत अरजी खारिज कर दी।
दूसरी ओर आईजी जैदी, डीएसपी मनोज जोशी और अन्य छह पुलिसकर्मियों की न्यायिक हिरासत और बढ़ गई है। शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अब आरोपियों को आठ नवंबर को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गुड़िया प्रकरण से संबंधित आरोपी सूरज की मौत के मामले में जेल में बंद जैदी ने कुछ दिन पहले अपनी जमानत को अरजी दी। जिस पर सोमवार को कोर्ट ने सुनवाई की थी, मगर फैसला सुरक्षित रखा था।
ये है पूरा मामला
गुड़िया प्रकरण में आरोपी सूरज की 18 जुलाई को कोटखाई पुलिस थाना के लॉकअप में मौत हुई थी। पुलिस ने सूरज की हत्या का आरोप एक अन्य आरोपी राजू के सिर मढ़ा और उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 में भी मामला दर्ज कर लिया था।
22 जुलाई को मामले में सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की। सीबीआई ने इस मामले की जांच में पाया कि सूरज को राजू ने नहीं मारा बल्कि उसकी मौत पुलिस पूछताछ के दौरान हुई।
जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर सीबीआई ने 29 अगस्त को जैदी के अलावा एक डीएसपी और छह पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया। तबसे जैदी और अन्य पुलिस कर्मचारी न्यायिक हिरासत में हैं।