शिमला शहर में महिला भाजपा पार्षद के अपहरण का प्रयास, आरोपी फरार
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राजधानी में एक महिला बीजेपी समर्थित पार्षद को पहले ब्लैकमेल और फिर अपहरण करने की कोशिश की गई। वारदात देररात की है। अपहरण की कोशिश एक गाड़ी में तब हुुई जब वह एक शादी समारोह से रात को घर लौट रही थीं।
अपहरणकर्ता अपने मंसूबे में कामयाब हो पाता इससे पहले मौके पर पार्षद के रिश्तेदार पहुंच गए। रिश्तेदार भी इसी रास्ते से घर जा रहे थे उन्हें देखकर आरोपी गाड़ी समेत फरार हो गया। वारदात के बाद महिला पार्षद बहुत घबरा घई थी।
उन्होंने वीरवार को मामले को लेकर थाना बालूगंज में एफआईआर दर्ज करवाई है। शिकायत के आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। महिला पार्षद एक शादी समारोह में शरीक होने के लिए पीटर हॉफ गई थी।
रात करीब दस बजे जब वह लौट रही थीं तो अचानक उनके सामने एक गाड़ी रुकी और उन्हें बाजू से पकड़ कर जबरन गाड़ी में डालने की कोशिश की। इस घटना का एक चश्मदीद भी बताया जा रहा है। इस घटना के चश्मदीद को पुलिस ढूंढ रही है।
पार्षद को आरोपी कर रहा था ब्लैकमेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को खोज निकालने के लिए एक विशेष टीम बनाई है। आरोपी के बारे में महिला पार्षद ने जो जानकारियां पुलिस को दी हैं उसी को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
अब तक की जांच में सामने आया है कि महिला पार्षद को आरोपी लंबे समय से ब्लैक मेल करने की कोशिश कर रहा था। वह किस बात को लेकर ब्लैक मेल कर रहा था यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
वह महिला पार्षद को मोबाइल पर कॉल करके भी तंग कर रहा था। कॉल कर वह कई बार महिला पार्षद को धमका भी चुका था। अब पूरे मामले से पर्दाफाश आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही होगा।
आखिर क्यों इतने दिन तक चुप रही पार्षद
आरोपी जब इतने दिनों से महिला पार्षद को ब्लैक मेल कर रहा था तो भाजपा पार्षद किस डर से चुप रही। ऐसा आरोपी के पास क्या है जिसको आधार बनाकर आरोपी उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था।
पार्षद ने उसको नजर अंदाज किया तो वह उनके अपहरण करने पर उतारू हो गया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में लग रहा है कि आरोपी महिला पार्षद का परिचित है। पुलिस हर पहलू पर जांच करने का दावा कर रही है।
क्या कहती है महिला पार्षद
महिला पार्षद ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह शादी समारोह से घर लौट रही थी। आरोपी गाड़ी में था अपहरण करने के इरादे से उसने गाड़ी रोकी तथा अपहरण करने की कोशिश करने लगा।
ठीक उसी समय उनका कजिन वहां पहुंच गया और आरोपी वहां से भाग गया। अगर वह अपहरण करने में कामयाब हो जाता तो पता नहीं क्या करता कहीं जान से मारकर कहीं भी फेंक देता।
क्या कहते हैं एएसपी
जिला शिमला के कार्यकारी पुलिस अधीक्षक एएसपी मनमोहन ने कहा कि पार्षद की शिकायत के आधार पर थाना बालूगंज में आईपीसी की धारा 354 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगामी छानबीन अमल में लाई जा रही है।