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Sonipat News: फर्जी दस्तावेज से एनओसी मामले में दो गिरफ्तार
Thu, 27 Aug 2026 02:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 27 Aug 2026 02:32 AM IST
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गोहाना। नगर परिषद गोहाना में फर्जी दस्तावेज के आधार पर अनियमित कॉलोनी के प्लॉट की एनओसी लेने के मामले में शहर थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों बसंत और अंकुश को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी शहर के ही निवासी हैं।
पुलिस प्रवक्ता रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों ने अनियमित कॉलोनी में स्थित प्लॉट की एनओसी के लिए नियमित कॉलोनी के दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। इन फर्जी दस्तावेज के आधार पर जून 2024 में एनओसी जारी कर दी गई थी। प्लॉट की बिक्री के बाद जब मूल मालिक ने उसी प्लॉट की एनओसी के लिए आवेदन किया, तब यह धोखाधड़ी सामने आई। दस्तावेज की जांच के दौरान पहले जारी की गई एनओसी में अनियमितता पाई गई। नगर परिषद ने जांच के बाद कार्रवाई शुरू की। नगर परिषद सचिव सुंदर ने छह जून 2026 को शहर थाना गोहाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। इस प्राथमिकी में बसंत, अंकुश और नगर परिषद के सफाई कर्मचारी रवि को आरोपी बनाया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि रवि ने सांठगांठ कर एनओसी दिलाने के नाम पर 60 हजार रुपये लिए थे। इसमें से 45 हजार रुपये की रसीद दी गई थी। शेष 15 हजार रुपये रवि ने अपने बैंक खाते में डलवाए थे। पुलिस ने बसंत और अंकुश को गिरफ्तार कर लिया है। रवि फिलहाल उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत पर है।
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शहर थाना प्रभारी सुभाष चंद ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। एनओसी जारी कराने की पूरी प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस प्रवक्ता रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों ने अनियमित कॉलोनी में स्थित प्लॉट की एनओसी के लिए नियमित कॉलोनी के दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। इन फर्जी दस्तावेज के आधार पर जून 2024 में एनओसी जारी कर दी गई थी। प्लॉट की बिक्री के बाद जब मूल मालिक ने उसी प्लॉट की एनओसी के लिए आवेदन किया, तब यह धोखाधड़ी सामने आई। दस्तावेज की जांच के दौरान पहले जारी की गई एनओसी में अनियमितता पाई गई। नगर परिषद ने जांच के बाद कार्रवाई शुरू की। नगर परिषद सचिव सुंदर ने छह जून 2026 को शहर थाना गोहाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। इस प्राथमिकी में बसंत, अंकुश और नगर परिषद के सफाई कर्मचारी रवि को आरोपी बनाया गया था।
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पुलिस जांच में सामने आया कि रवि ने सांठगांठ कर एनओसी दिलाने के नाम पर 60 हजार रुपये लिए थे। इसमें से 45 हजार रुपये की रसीद दी गई थी। शेष 15 हजार रुपये रवि ने अपने बैंक खाते में डलवाए थे। पुलिस ने बसंत और अंकुश को गिरफ्तार कर लिया है। रवि फिलहाल उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत पर है।
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शहर थाना प्रभारी सुभाष चंद ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। एनओसी जारी कराने की पूरी प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।