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अवैध कटान मामले में दो डिप्टी रेंजर समेत तीन के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
Updated Fri, 19 Jan 2018 09:17 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला।
राजधानी से सटे कोटी जंगल में हुए अवैध पेड़ कटान की जांच कर रही कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट विभाग के जरिये सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पिछले तीन साल साल से नहीं, बल्कि करीब दस साल से उस क्षेत्र में अवैध तरीके से पेड़ों को काटा जा रहा था। मामले में दो डिप्टी रेंजर समेत तीन वन कर्मियों की लापरवाही की बात भी सामने आई है। जिसके बाद विभाग ने तीनों को चार्जशीट करने की सिफारिश कर दी है। सूत्रों का कहना है कि सरकार के फैसले के बाद तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
कुछ दिन पहले कोटी जंगल में वन विभाग की संयुक्त गश्त टीम ने अवैध कटान का मामला पकड़ा था। इस दौरान बड़ी संख्या में देवदार के पेड़ की लकड़ी मौके से बरामद की गई थी। वन विभाग की ओर से एक व्यक्ति के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद वन विभाग व अन्य विभागों की एक टीम ने कटान वाली जमीन की पैमाइश की जिसमें पूरी जमीन वन विभाग की निकली। इस दौरान वन विभाग ने अपने स्तर पर एक विभागीय जांच कमेटी भी गठित की जिसके अनुसार 416 ऐसे पेड़ के ठूंठ मिले जो तीन से चार साल तक पुराने हैं। वहीं 137 ऐसे ठूंठ भी मिले जो दस साल तक पुराने बताए जा रहे हैं। दस साल से पेड़ कटान की बात सामने आने के बाद विभाग ने लंबे समय से उस क्षेत्र में तैनात रहे रिटायर्ड फारेस्ट गार्ड हरि सिंह के अलावा पूर्व डिप्टी रेंजर विक्की चौहान और प्रकाश चंद के खिलाफ चार्जशीट की कार्रवाई की सिफारिश कर दी है। पीसीसीएफ डॉ. जीएस गोराया ने बताया कि मामले में गठित जांच कमेटी ने रिपोर्ट दी है जिसे सरकार को भेज दिया गया है। सरकार के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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शिमला।
राजधानी से सटे कोटी जंगल में हुए अवैध पेड़ कटान की जांच कर रही कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट विभाग के जरिये सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पिछले तीन साल साल से नहीं, बल्कि करीब दस साल से उस क्षेत्र में अवैध तरीके से पेड़ों को काटा जा रहा था। मामले में दो डिप्टी रेंजर समेत तीन वन कर्मियों की लापरवाही की बात भी सामने आई है। जिसके बाद विभाग ने तीनों को चार्जशीट करने की सिफारिश कर दी है। सूत्रों का कहना है कि सरकार के फैसले के बाद तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
कुछ दिन पहले कोटी जंगल में वन विभाग की संयुक्त गश्त टीम ने अवैध कटान का मामला पकड़ा था। इस दौरान बड़ी संख्या में देवदार के पेड़ की लकड़ी मौके से बरामद की गई थी। वन विभाग की ओर से एक व्यक्ति के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद वन विभाग व अन्य विभागों की एक टीम ने कटान वाली जमीन की पैमाइश की जिसमें पूरी जमीन वन विभाग की निकली। इस दौरान वन विभाग ने अपने स्तर पर एक विभागीय जांच कमेटी भी गठित की जिसके अनुसार 416 ऐसे पेड़ के ठूंठ मिले जो तीन से चार साल तक पुराने हैं। वहीं 137 ऐसे ठूंठ भी मिले जो दस साल तक पुराने बताए जा रहे हैं। दस साल से पेड़ कटान की बात सामने आने के बाद विभाग ने लंबे समय से उस क्षेत्र में तैनात रहे रिटायर्ड फारेस्ट गार्ड हरि सिंह के अलावा पूर्व डिप्टी रेंजर विक्की चौहान और प्रकाश चंद के खिलाफ चार्जशीट की कार्रवाई की सिफारिश कर दी है। पीसीसीएफ डॉ. जीएस गोराया ने बताया कि मामले में गठित जांच कमेटी ने रिपोर्ट दी है जिसे सरकार को भेज दिया गया है। सरकार के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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