एजेंट ने थमा दीं नकली एयर टिकटें, भुगतान के बाद भी नहीं मिली जेसीबी
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हिमाचल के हमीरपुर जिले के पुलिस थाना नादौन के तहत लाखों की धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज हुए हैं। थाना क्षेत्र नादौन के अंतर्गत रैल क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस में दी शिकायत में कहा है कि उसने बैंक से एक कंपनी को ट्रैक्टर तथा जेसीबी लेने के लिए भुगतान तो कर दिया लेकिन, कंपनी ने उसे यह मशीनें दी ही नहीं।
राजेश कुमार पुत्र किशोरी लाल निवासी गांव डाहल रैल ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसने जलाड़ी गांव में स्थित कांगड़ा बैंक के माध्यम से यह मशीनें लेने के लिए आवेदन किया था। राजेश ने बताया कि बैंक की ओर से कंपनी को 28 लाख रुपये का भुगतान तो कर दिया, परंतु कंपनी ने उसे मशीनें नहीं भेजीं।
इस संबंध में बैंक के वर्तमान शाखा प्रबंधक बशीर मोहम्मद तथा तत्कालीन शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार ने बताया कि बैंक की ओर से लोन की सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद कंपनी को उनके द्वारा दिए गए खाते में पूरे पैसे भेज दिए थे।
उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है कि उपभोक्ता को कंपनी की ओर से मशीनें उपलब्ध करवाई गईं या नहीं। वहीं इस संबंध में थाना प्रभारी नादौन महेंद्र परमार का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
वहीं एक अन्य मामले में धनेटा कस्बे के निवासी राजकुमार पुत्र परस राम ने नादौन थाने में दर्ज करवाई अपनी शिकायत में दिल्ली की एक ट्रेवल एजेंसी पर उनके साथ करीब एक लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। बताया कि उन्हें हवाई जहाज में यात्रा करने की नकली टिकटें उपलब्ध करवा दी गईं। वह अपने दो बच्चों और पत्नी के साथ अंडमान निकोबार घूमने के लिए गए थे। इस यात्रा के लिए उन्होंने दिल्ली की ट्रेवल एजेंसी से ऑनलाइन आने-जाने और वहां ठहरने के लिए छह रातों और पांच दिन का पैकेज बुक किया।
जिसके लिए उन्होंने काफी पेमेंट ऑनलाइन जमा करवा दी थी। उन्होंने बताया कि पोर्ट ब्लेयर पहुंचने पर कंपनी के लोगों ने उन्हें रिसीव तो कर लिया परंतु जब उन्हें पता चला कि उनके ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। राज कुमार ने बताया कि पोर्ट ब्लेयर से उन्हें नील आईलैंड जाना था। जहां उन्होंने बुकिंग करवाई थी, परंतु उन्हें बताया गया कि उनकी ऐसी कोई बुकिंग नहीं थी।
जिसके लिए उन्हें करीब बारह हजार रुपये अलग से देने पड़े। जब दिल्ली में ट्रेवल कंपनी से बात की गई तो उन्होंने धौंस दिखाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं अंडमान में कंपनी के लोगों ने उनसे ठहरने और कहीं आने जाने के लिए तिगुना पैसा मांगना आरंभ कर दिया। जब उन्होंने बैलेंस दे दिया तो कंपनी ने पूरी तरह से अपना पल्ला झाड़ लिया।
उनकी बेटी सेना में इंफाल में कार्यरत है और उसकी फ्लाइट दिल्ली से आगे के लिए बुक थी। इसलिए उन्हें उन लोगों की बात मानने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने बताया कि जब वह नील आईलैंड से वापस आने लगे तो उनके साथ एक और धोखाधड़ी का पता चला। एयरपोर्ट पर पता चला कि वापसी की एयरलाइंस की जो टिकटें उन्हें दी गई थीं वह सभी जाली निकली।
जिसके बाद उन्हें सभी टिकटें दोबारा पैसे देकर लेनी पड़ीं। दिल्ली में कंपनी की ओर से बात कर रहे कर्मचारी ने अब उनका फोन उठाना ही बंद कर दिया। राज कुमार ने बताया कि उन्हें इस दौरान करीब एक लाख रुपये का चूना लगा है। इस संबंध में थाना प्रभारी नादौन महेंद्र परमार का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके आगे छानबीन की जा रही है।