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विवि ने सुलझाया छात्रा प्रताड़ना मामला
Updated Wed, 06 Sep 2017 10:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचपीयू के आईआईएचएस के एक शोधार्थी, गेस्ट फेकल्टी पर लगे छात्रा को प्रताड़ित करने के आरोप में विवि ने जांच पूरी कर ली है। दोनों पक्षों की सहमति से मामला सुलझा लिया है। शिकायतकर्ता छात्रा और आरोपी शोधार्थी के साथ आमने-सामने बात करवाई गई और दोनों पक्षों ने कमेटी के समक्ष माना कि उनके बीच कुछ गलत फहमी हो गई थी, जो अब दूर हो चुकी है। छात्रा और शोधार्थी ने आपसी सहमति के दस्तावेज पर साइन किए। विवि प्रशासन ने फैसला सुनाया कि आरोपी शोधार्थी को भविष्य में आईआईएचएस में पढ़ाने के कार्य में नहीं लगाया जाएगा। आरोपी शोधार्थी से कमेटी ने कहा कि वह भी पुलिस में एक छात्र संगठन से खतरे की दी गई शिकायत को तुरंत वापस ले। विवि के कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने माना कि दोनों पक्षों में बातचीत कर मामले को सुलझा लिया गया है। तीस अगस्त को छात्रा ने विवि प्रशासन को उक्त शोधार्थी के खिलाफ बार-बार फोन कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। विवि कुलपति ने जेंडर हृासमेंट रिड्रेसल एंड सेंस्टाइजेशन सेल को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसकी अध्यक्षता डीएसडब्ल्यू कर रहे थे। मंगलवार को कुलपति ने जांच के लिए अलग से प्रो. सुषमा की अध्यक्षता में आंतरिक जांच कमेटी बनाई। कमेटी ने ही बुधवार को छात्रा और आरोपी शोधार्थी को आमने सामने बिठा कर आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया है।
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शिमला। एचपीयू के आईआईएचएस के एक शोधार्थी, गेस्ट फेकल्टी पर लगे छात्रा को प्रताड़ित करने के आरोप में विवि ने जांच पूरी कर ली है। दोनों पक्षों की सहमति से मामला सुलझा लिया है। शिकायतकर्ता छात्रा और आरोपी शोधार्थी के साथ आमने-सामने बात करवाई गई और दोनों पक्षों ने कमेटी के समक्ष माना कि उनके बीच कुछ गलत फहमी हो गई थी, जो अब दूर हो चुकी है। छात्रा और शोधार्थी ने आपसी सहमति के दस्तावेज पर साइन किए। विवि प्रशासन ने फैसला सुनाया कि आरोपी शोधार्थी को भविष्य में आईआईएचएस में पढ़ाने के कार्य में नहीं लगाया जाएगा। आरोपी शोधार्थी से कमेटी ने कहा कि वह भी पुलिस में एक छात्र संगठन से खतरे की दी गई शिकायत को तुरंत वापस ले। विवि के कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने माना कि दोनों पक्षों में बातचीत कर मामले को सुलझा लिया गया है। तीस अगस्त को छात्रा ने विवि प्रशासन को उक्त शोधार्थी के खिलाफ बार-बार फोन कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। विवि कुलपति ने जेंडर हृासमेंट रिड्रेसल एंड सेंस्टाइजेशन सेल को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसकी अध्यक्षता डीएसडब्ल्यू कर रहे थे। मंगलवार को कुलपति ने जांच के लिए अलग से प्रो. सुषमा की अध्यक्षता में आंतरिक जांच कमेटी बनाई। कमेटी ने ही बुधवार को छात्रा और आरोपी शोधार्थी को आमने सामने बिठा कर आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया है।