सहकारी सोसायटी में 11.70 करोड़ का गबन, ऐसे हुआ खुलासा
लंबे समय से चल रहे दियोली को-ऑपरेटिव सोसाइटी में कृषि सहकारी सभा के किए गए ऑडिट में 11 करोड़ 70 लाख रुपये के गड़बड़झाले का खुलासा हुआ है। सहकारी सभा दियोली के पास 17 करोड़ के करीब अमानत राशि जमा थी, जिसमें से अब 11 करोड़ 70 लाख रुपये गायब बताए जा रहे हैं।
मंगलवार को कृषि सहकारी सभा का ऑडिट करने के बाद सारे रिकॉर्ड समेत सभा की प्रबंधन समिति को ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कोऑपरेटिव सोसाइटी की ओर से कुछ सदस्यों की जमा अमानत नहीं देने पर इसकी जांच की मांग उठाई और कुछ सदस्यों ने तो कोर्ट में भी फरियाद लगाई।
बार-बार पैसा मांगने के बाद भी जब उन्हें उनका पैसा वापस न मिला तो मामला सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों के पास पहुंचा। इसके बाद प्रबंधन समिति ने सहकारिता विभाग से सभा का ऑडिट करने को कहा और घोटाले की परत दर परत खुलने लगी।
विभाग के ऑडिट में ग्यारह करोड़ सत्तर लाख के घोटाले का पता चला है। आखिर इतना पैसा कहां गया इस बारे में सभा के कर्मचारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे पा रहे हैं।
विजिलेंस ने भी जब्त किया था रिकॉर्ड
कुछ समय पहले सभा का रिकॉर्ड विजलेंस ने भी लिया था लेकिन उसे बिना जांच के ही सहकारिता विभाग ने वापस मंगवा लिया था। पूंजी जमा करवाने वाले सदस्यों ने आरोप लगाया कि इसमें सभा सचिव के अलावा सहकारिता विभाग के लोग भी शामिल हैं।
पैसे का हेर फेर बिना सहकारिता विभाग के संभव नहीं है। हर साल सभा ऑडिट करवाती है तो उसमें इस घोटाले का क्यों नहीं पता चला। इस मामले में भी सहकारी सभा दियोली के एक कर्मचारी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
उधर, सभा के ऑडिट में हुए घोटाले का खुलासा होने के बाद मंगलवार को सभा का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक राजेश ठाकुर से भी मिला और उन्होंने भी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच करवाने का आश्वासन प्रतिनिधिमंडल को दिया है।
विभाग ही कार्रवाई को अधिकृत : सुरेंद्र
सभा के प्रधान सुरेंद्र सिंह का कहना है कि रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ है उस पर सहकारिता विभाग के अधिकारी ही कोई कार्रवाई कर सकते हैं। इसमें हमने जांच की मांग की थी वो सबके सामने है।
अभी रिपोर्ट नहीं पहुंची : वर्मा
एआरओ कॉआपरेटिव सोसाइटी ऊना सुरेंद्र वर्मा का कहना है कि मेरे पास अभी रिपोर्ट नहीं पहुंची है, जो भी इस मामले में लिप्त हुआ उसके खिलाफ कानून अनुसार कार्रवाई की जाएगी।