{"_id":"53431eb3eed96002648a4c9b24c7cbbb","slug":"cpim-protest-against-rusa-system-in-the-colleges","type":"story","status":"publish","title_hn":"रूसा सिस्टम के खिलाफ कॉमरेडो का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रूसा सिस्टम के खिलाफ कॉमरेडो का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 11 Jul 2014 01:38 PM IST
विज्ञापन
सीपीआईएम की राज्य इकाई के आह्वान पर वीरवार को प्रदेश भर के कॉलेजों में रूसा के विरोध में प्रदर्शन किए गए। शिमला में सीपीआईएम, एसएफआई और अन्य वामपंथी संगठनों ने मिलकर दोपहर बाद कुलपति दफ्तर के बाहर रूसा के खिलाफ प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
इसमें रूसा से छात्रों को पेश आ रही समस्याओं को देखते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की गई। सीपीआईएम के राज्य सचिव राकेश सिंघा ने कहा कि उच्च शिक्षा में इतना बढ़ा बदलाव लाने से पूर्व छात्र, शिक्षक, कर्मचारियों किसी से भी इस पर कोई चरचा नहीं की गई।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और विभाग की गलतियों का खामियाजा कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। सात माह से पहले सत्र का परीक्षा परिणाम नहीं निकल पाया है। अब तक आम छात्रों के साथ शिक्षकों तक को रूसा के बारे में अवगत नहीं करवाया गया।
विज्ञापन
सही जानकारी के अभाव में इस सिस्टम को लागू करने से छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया गया है। प्रदेश भर के कॉलेजों में प्राध्यापकों के 2200 में से 500 पद रिक्त हैं। रूसा को लागू करने के लिए एक हजार शिक्षकों की जरूरत है।
राज्यपाल से की मुलाकात
सीपीआईएम के नेताओं ने राज्य सचिव राकेश सिंघा की अगुवाई में राज्यपाल से मुलाकात की और रूसा से आम छात्रों और अभिभावकों को हो परेशानी से अवगत करवाते हुए रूसा को वापस लेकर पुराने पैटर्न से यूजी की पढ़ाई कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में राज्य सचिवालय सदस्य डॉ. कुलदीप तंवर, महापौर संजय चौहान, उप महापौर टिकेंद्र सिंह पंवर, जिला कमेटी सदस्य बलबीर पराशर शामिल थे।