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सेब के पेड़ों पर कुल्हाड़ी, सरकार मौन: सिंघा

Sun, 28 Feb 2016 08:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 28 Feb 2016 08:38 PM IST
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cpim leader rakesh singha hits out at himachal govt

हिमाचल किसान सभा और सेब उत्पादक संघ के संयोजक राकेश सिंघा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बागवानों के कब्जे नियमित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कब्जे नियमित नहीं हुए। सेब के पेड़ों पर कुल्हाड़ियां चल रही हैं, लेकिन सरकार मौन है।

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उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट नहीं जाती है तो हिमाचल में आंदोलन किए जाएंगे। साथ ही सचिवालय का घेराव किया जाएगा। राकेश सिंघा ने प्रेसवार्ता में बताया कि प्रदेश सरकार छोटे बागवानों के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रही है जबकि बड़े लोगों के पेड़ काटने में सरकार अपने हाथ पीछे खिंच रही है। चौपाल में एक ही परिवार के दर्जनों सेब के पेड़ काट दिए गए।
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 10 बीघा तक अवैध कब्जा नियमित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज सरकार बागवानों की रोटी रोटी छीनने में तुली है। उन्होंने कहा कि पुजारली के रामनंद और कुंदन धीमान के पास 3 बीघा के करीब जमीन थी, उस जमीन पर 50 साल से सेब के पेड़ लगे थे। वन विभाग की टीम ने सभी पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी।
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संघ के अध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार दलित, गरीब और छोटे बागवानों पर कहर बरपा रही है। कहा कि प्रदेश सरकार ने एसीएस वन विभाग की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था जिन्होंने ऐसे लोगों की पहचान करनी थी जिनके पास 10 बीघा से कम जमीन है। लेकिन कमेटी की ओर से बागवानों के लिए ठोस नीति नहीं बनाई गई।

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