संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने खराब एलईडी टीवी को मुफ्त में ठीक न करने और वारंटी विवाद में उलझाने के मामले में सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स और स्थानीय डीलर को कड़ी फटकार लगाई है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य निधि शर्मा की पीठ ने सैमसंग कंपनी और मालरोड स्थित विक्रेता संजीव के एंड कंपनी को शिकायतकर्ता का 50 इंच का एलईडी टीवी मुफ्त में ठीक करके देने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के एवज में उपभोक्ता को 10,000 रुपये एकमुश्त मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। लोअर सब्जी मंडी शिमला निवासी डीएस परमार ने 5 अप्रैल 2021 को मालरोड स्थित संजीव के एंड कंपनी से 58,000 रुपये में सैमसंग का एलईडी टीवी खरीदा था। शिकायतकर्ता के अनुसार खरीद के वक्त डीलर ने तीन साल की वारंटी का भरोसा दिया था। हालांकि, 8 अगस्त 2022 (खरीद के करीब एक साल चार माह बाद) टीवी अचानक बंद हो गया। शिकायत के बाद जब संजौली स्थित सैमसंग केयर सेंटर से इंजीनियर घर पहुंचा तो उसने बताया कि टीवी में खराबी है और पीसीबी पार्ट बदलना पड़ेगा जिसका खर्च 6,000 से 7,000 रुपये आएगा। सर्विस सेंटर ने यह दलील दी कि टीवी की वारंटी केवल एक वर्ष की थी और वह समाप्त हो चुकी है, इसलिए मुफ्त मरम्मत नहीं हो सकती। इसके विरोध में उपभोक्ता ने आयोग का दरवाजा खटखटाया। कंपनी ने आयोग में दलील दी कि टीवी में कोई मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट नहीं था और वारंटी एक साल की ही थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि खराबी उपभोक्ता की किसी गलती से नहीं बल्कि स्वाभाविक रूप से आई थी। वहीं, बहस के दौरान कंपनी के वकील ने टीवी को मुफ्त में ठीक करने की सहमति भी जताई। आयोग ने उपभोक्ता को आदेश की प्रति मिलने के सात दिनों के भीतर टीवी डीलर/कंपनी को सौंपने और कंपनी को आगामी दो माह के भीतर टीवी पूरी तरह ठीक करके देने का निर्देश दिया है।