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Shimla News: हत्या के प्रयास मामले में पिता-बेटा दोषी करार, एक को तीन, दूसरे को चार साल की सजा
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पुलिस थाना ढली में 26 जनवरी, 2018 का मामला, जमीन विवाद को लेकर हुई थी मारपीट न्यायाधीश डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हत्या के प्रयास मामले में अदालत ने आठ साल बाद पिता और बेटे को दोषी करार दिया है। बेटे गगन कुमार (31) को 4 वर्ष कठोर कारावास और 15 हजार जुर्माना लगाया है। पिता इंदर सिंह (56) को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषियों को 15 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने का कारावास भी भुगतना होगा। दोनों दोषी शिमला ग्रामीण के गुम्मा के रहने वाले हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (सीबीआई), शिमला डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
यह मामला पुलिस थाना ढली के तहत मशोबरा पुलिस चौकी का है। पुलिस के मुताबिक, 26 जनवरी को शाम करीब 4.30 बजे शिकायतकर्ता/पीड़ित नोख राम पत्नी और नेपाल के मजदूर के साथ अपने खेतों में काम कर रहे थे। आसपास के खेतों में अन्य लोग भी काम कर रहे थे। इसी बीच उसके चाचा इंदर सिंह और उसका बेटा गगन कुमार आए। इंदर सिंह ने डंडों से वार करना शुरू कर दिया, जबकि गगन ने सिर पर दराती से वार किया। चीखने की आवाजें सुनकर पत्नी ज्योत्सना और अन्य लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। घायल को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मशोबरा ले गए। आरोप लगे थे कि दोनों आरोपी यह धमकी देते हुए खेत से चले गए कि आज तो वह बच गया, लेकिन भविष्य में उसे मार देंगे। उधर, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला पंजीकृत किया था। जांच के मुताबिक घटना जमीन विवाद के चलते हुई थी। उधर, अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने के बाद पुलिस सहित 15 गवाहों के बयान कलमबंद किए गए। मुकदमे में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद सीबीआई की अदालत ने आरोपी गगन कुमार और इंदर सिंह को दोषी ठहराया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हत्या के प्रयास मामले में अदालत ने आठ साल बाद पिता और बेटे को दोषी करार दिया है। बेटे गगन कुमार (31) को 4 वर्ष कठोर कारावास और 15 हजार जुर्माना लगाया है। पिता इंदर सिंह (56) को तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषियों को 15 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने का कारावास भी भुगतना होगा। दोनों दोषी शिमला ग्रामीण के गुम्मा के रहने वाले हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (सीबीआई), शिमला डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
यह मामला पुलिस थाना ढली के तहत मशोबरा पुलिस चौकी का है। पुलिस के मुताबिक, 26 जनवरी को शाम करीब 4.30 बजे शिकायतकर्ता/पीड़ित नोख राम पत्नी और नेपाल के मजदूर के साथ अपने खेतों में काम कर रहे थे। आसपास के खेतों में अन्य लोग भी काम कर रहे थे। इसी बीच उसके चाचा इंदर सिंह और उसका बेटा गगन कुमार आए। इंदर सिंह ने डंडों से वार करना शुरू कर दिया, जबकि गगन ने सिर पर दराती से वार किया। चीखने की आवाजें सुनकर पत्नी ज्योत्सना और अन्य लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। घायल को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मशोबरा ले गए। आरोप लगे थे कि दोनों आरोपी यह धमकी देते हुए खेत से चले गए कि आज तो वह बच गया, लेकिन भविष्य में उसे मार देंगे। उधर, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला पंजीकृत किया था। जांच के मुताबिक घटना जमीन विवाद के चलते हुई थी। उधर, अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने के बाद पुलिस सहित 15 गवाहों के बयान कलमबंद किए गए। मुकदमे में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद सीबीआई की अदालत ने आरोपी गगन कुमार और इंदर सिंह को दोषी ठहराया है।
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