जयराम-अनुराग का हाथ मिलाने वाला वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद
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शिमला के पीटरहॉफ में बीते शनिवार को डॉ. राजीव बिंदल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के हाथ मिलाने को लेकर उठे विवाद पर भले ही भाजपा ने पूरा वीडियो जारी कर विवाद शांत करने का प्रयास किया है। लेकिन अब उस पूरे वीडियो के जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर विवाद बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री के प्रति सहानुभूति रखने वालों का आरोप है कि मंगल पांडेय से मिलने के बाद अनुराग को पहले से हाथ आगे बढ़ाए मुख्यमंत्री से भी हाथ मिला लेना चाहिए था। इस काम में उन्हें चंद सेकेंड ही लगते और वह उसके बाद बिंदल से मिल सकते थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अनुराग को लेकर तीखे कटाक्ष वाले स्टेटस भी शेयर किए जा रहे हैं।
उधर, अनुराग के समर्थकों का कहना था कि जब कार्यक्रम का केंद्र ही बिंदल थे तो उन्हें प्राथमिकता देने की वजह से हाथ मिलाने में चूक हुई है। हालांकि, यह भी कहा गया कि भले ही पहले अनजाने में हाथ न मिलाया गया हो लेकिन बिंदल से मिलने के बाद नमस्कार कर हाथ मिलाया गया। इससे यह साफ है कि मुख्यमंत्री के प्रति अनुराग के मन में सम्मान की कोई कमी नहीं थी।
पक्ष-विपक्ष के तीखे प्रहारों के बीच अब यह विषय तूल पकड़ता जा रहा है। बता दें कि शनिवार को कार्यक्रम के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ और दावा किया गया कि मुख्यमंत्री जयराम के हाथ बढ़ाने के बावजूद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने उन्हें नजरंदाज कर हाथ नहीं मिलाया। हालांकि, विवाद बढ़ने पर भाजपा ने पूरा वीडियो जारी कर हाथ न मिलाने की बात का खंडन किया। लेकिन इसके बाद विवाद हाथ मिलाने न मिलाने से बढ़कर मिलाने के तरीके पर चला गया है।
अपने नेताओं को आचरण सुधारने की शिक्षा दें बिंदल: अग्निहोत्री
वहीं, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी में हाथ न मिलाने व झटकने को लेकर सीएम जयराम व अनुराग के बीच हुई घटना पर चुटकी ली है। जारी बयान में अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा के नए अध्यक्ष का कार्यकाल धमकी से शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष को हाथ न मिलाने के वीडियो को वायरल करने पर एफआईआर दर्ज कराने जैसा बयान देने से पहले अपने नेताओं को आचरण सुधारने की शिक्षा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंच पर क्या हुआ, क्या नहीं हुआ, यह सब जनता ने देखा है और जनता ही निर्णय करती है। धमकी देकर बिंदल इस घटना पर मिट्टी नहीं डाल सकते।
उन्होंने कहा कि हाथ न मिलाना या फिर मिलाते हुए झटक देना, यह भाजपा का अंदरूनी मामला है। इससे हमें कुछ लेना-देना नहीं है। लेकिन जो घटना हुई है वह चर्चा में है और भाजपा अध्यक्ष बताएं किस-किस पर एफआईआर दर्ज करवाएंगे। जब से जयराम सरकार सत्ता में आई है, तब से एफआईआर दर्ज करने की धमकियां मिल रही हैं। बंजार के वीडियो मामले में कौन लोग थे। उस पर एफआईआर दर्ज करने की बात हुई। फिर पत्र बम कांगड़ा में निकला तो उस पर अपने ही भाजपा के वरिष्ठ नेता का मोबाइल जब्त हुआ, फिर एफआईआर की बात हुई। मुकेश ने कहा कि परागपुर में लोहड़ी उत्सव में वसूली का ऑडियो भी खूब वायरल हो रहा है। अब हाथ न मिलाने के वायरल वीडियो पर एफआईआर दर्ज करने की बातें हो रही हैं। अनेक ऐसे मसले इस सरकार में हो चुके हैं, जिसमें गलती भाजपा नेताओं की है और खामियाजा जनता को भुगतने की धमकियां दी जाती हैं।