धारा-144 तोड़ पीटीए शिक्षकों का प्रदर्शन, कइयों पर केस दर्ज
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नियमितीकरण की मांग पर पीटीए शिक्षकों ने मंगलवार को करीब साढ़े तीन घंटे तक छोटा शिमला बस स्टॉप पर प्रदर्शन किया। उपायुक्त ने पुलिस थाना के बाहर धारा-144 लागू करने की अधिसूचना जारी की थी। शिक्षकों ने धारा-144 को तोड़ दिया।
इस पर कई शिक्षकों पर केस दर्ज किया गया है। शिक्षकों को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वार्ता के लिए सचिवालय बुलाया और 19 को होने वाली कैबिनेट इस बाबत फैसला लेने का आश्वासन दिया।
आश्वासन के बाद शिक्षकों ने प्रदर्शन खत्म किया। धारा-144 तोड़ने के आरोप में कई शिक्षकों के खिलाफ पुलिस थाना छोटा शिमला में मामला भी दर्ज किया गया।
अनुबंध शिक्षक संघ (पीटीए) के बैनर तले हुई मांग रैली में राजकीय अध्यापक संघ, हिमाचल शिक्षक महासंघ, प्राथमिक शिक्षक संघ और सीएंडवी शिक्षक संघ के शिक्षक भी शामिल हुए।
शिक्षकों को नियमितीकरण से कम कुछ भी मंजूर नहीं
पीटीए संघ के अध्यक्ष बोविल ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री से मांग की गई कि शिक्षकों को नियमितीकरण से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। सरकार से पीटीए शिक्षकों को सशर्त नियमित करने की मांग की।
उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि 5500 से अधिक शिक्षक बीते कई सालों से सेवाएं दे रहे हैं। सरकार को अब फैसला लेना चाहिए। कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के नाम पर अफसरशाही सरकार को गुमराह कर रही है।
अगर कोर्ट में कोई मामला है तो सरकार एसएमसी से शिक्षक भर्ती कैसे कर सकती है। इस अवसर पर राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान, शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष डॉ. प्रेम सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
मंत्री महेंद्र ठाकुर की मौजूदगी में हुई बैठक
बाधित रहा ट्रैफिक, वाहनों की लगी लंबी कतार
शिक्षकों के प्रदर्शन के चलते छोटा शिमला में साढ़े तीन घंटों तक ट्रैफिक बाधित रहा। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे से शिक्षक छोटा शिमला डाकघर के पास जुटना शुरू हुए। 11:50 पर शिक्षक पुलिस थाना के बाहर पहुंच गए।
आर्म्सडेल होकर आया मुख्यमंत्री का काफिला
हजारों की संख्या में सड़क पर उतरे शिक्षकों के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रदर्शन के चलते मुख्यमंत्री का काफिला ओकओवर से पुलिस थाना होते हुए सचिवालय नहीं आया। आर्म्सडेल भवन होते हुए सीएम की गाड़ी को सचिवालय तक लाया गया।