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इंजीनियरों की सलाह के बिना ही बना दिए अधिकांश भवन
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 25 Oct 2016 10:09 AM IST
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हिमाचल में कितने भवन सुरक्षित हैं, अब इसका स्ट्रक्चुअल ऑडिट होगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सोमवार को आयोजित इंजीनियर और वास्तुकारों की बैठक में भवनों की मजबूती के बारे में चर्चा हुई। बैठक में सामने आया कि प्रदेश में अधिकांश भवन ऐसे हैं, जो इंजीनियरों की सलाह के बिना बने हैं।
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भूकंप की दृष्टि से हिमाचल संवेदनशील है। ऐसे में ये भवन खतरनाक हो सकते हैं। इन भवनों को कैसे बचाया जा सकता है, इसको लेकर प्रदेश सरकार भवनों का ऑडिट कराएगी। भवनों का ऑडिट करने के लिए बैठक में टेंडर करने का फैसला लिया गया। इसमें सभी
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इंजीनियरों से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे ताकि पॉलिसी तैयार कर इस प्रक्रिया को जल्द लागू किया जा सके। गौरतलब है कि प्रदेश में अंधाधुंध बहुमंजिला व अवैज्ञानिक निर्माण से आपदा के समय नुकसान कई गुणा बढ़ने के खतरे को देखते हुए स्ट्रक्चुअल ऑडिट
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की जरूरत महसूस की गई है। हिमाचल में बने भवनों में कहीं सरिया का कम इस्तेमाल हुआ है तो कहीं 90 डिग्री के एंगल में मकान खड़े कर दिए गए हैं। नियमों के मुताबिक 60 फीसदी एंगल में भवनों का निर्माण होना चाहिए।
जल्द किया जाएगा टेंडर
भवनों का स्ट्रक्चुअल ऑडिट किया जाएगा। इसमें टीसीपी एक्ट 1977 के बाद बने भवनों का ऑडिट कराया जाएगा। इसको लेकर इंजीनियरों और वास्तुकारों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में भवनों का ऑडिट करने के लिए टेंडर करने का फैसला लिया गया है। - संदीप शर्मा, स्टेट टाउन प्लानर, टीसीपी