निवेश के नाम पर हिमाचल को बेचने का षड्यंत्र: मुकेश
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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि निवेश के नाम पर हिमाचल को बेचने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। गैर हिमाचली अफसर इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकार विभिन्न परियोजनाओं के लिए एमओयू कर रही है।
इन कंपनियों की वित्तीय स्थिति, दफ्तर और उनका पता तक सरकार को मालूम नहीं है। हिमाचल को किसी भी सूरत में बिकने नहीं दिया जाएगा। कांग्रेस विधायक हिमाचल बचाओ अभियान चलाएंगे। जयराम सरकार अब प्रदेश में रोजगार भी बाहरी राज्यों के लोगों को दे रही है।
हर माह सरकार एक हजार करोड़ का कर्ज ले रही है। केंद्र सरकार से कोई वित्तीय पैकेज नहीं मिला है। मुकेश ने शनिवार को प्रेस सम्मेलन में कहा कि शुक्रवार रात को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रदेश से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कहा कि प्रदेश में लैंड बैंक तैयार नहीं है और सरकार परियोजनाओं के लिए समझौता कर रही है। धारा-118 को नर्म किया जा रहा है। पंचायतों के एनओसी की अनिवार्यता खत्म की जा रही है।
टेंडर के बदले एमओयू किए जा रहे हैं। डॉ. वाईएस परमार ने धारा 118 को लागू कर हिमाचल की जमीन बिकने से बचाई है। कहा कि राज्य में भू, नशा, खनन और वन माफिया सक्रिय हैं।
सरकार इन पर नकेल कसने में विफल रही है। शिमला में एक ट्रक शराब का पकड़ा गया था। इसके पास पानी की ढुलाई के कागजात थे। नदियों और खड्डों में मशीनों से खनन किया जा रहा है। 65 हजार करोड़ के एनएच की बात कही गई, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ।
स्मार्ट सिटी के लिए केंद्र और राज्य सरकार की भागीदारी 50:50 कर दी है। 9500 करोड़ के प्रोजेक्टों की हकीकत से अवगत कराया जाए। एडीबी प्रोजेक्टों का भट्ठा बैठ गया है। सड़क हादसे बढ़े हैं। कानून व्यवस्था चरमराई है।
राज्य प्रशासनिक ट्र्ब्यिूनल बंद कर दिया है। इस दौरान विधायक डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल, राजेंद्र राणा, नंदलाल, जगत सिंह नेगी, विनय, इंद्रदत्त लखनपाल, पवन काजल और विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे।