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बेरोजगारी भत्ते का श्रेय लेने के लिए बाली-सुक्खू का सियासी दांव
सुनील चड्ढा/अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Thu, 13 Apr 2017 08:47 AM IST
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बेरोजगारी भत्ते का श्रेय लेने के लिए बाली और सुक्खू ने सियासी दांव खेला है। उन्होंने न सिर्फ रैली में भीड़ जुटाई बल्कि नाराज चल रहे विधायकों और पूर्व विधायकों को भी एक मंच पर ला दिया। बेरोजगारी भत्ते की योजना नगरोटा से ही सीएम की गैर मौजूदगी में लांच कर बाली ने पूरा श्रेय लेने की कोशिश की। सीबीआई और ईडी के संकट में घिरे वीरभद्र सिंह के मामले के बीच रैली में बाली को प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू का खुलकर साथ मिला।
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वहीं, नूरपुर के विधायक अजय महाजन, सुंदरनगर से सीपीएस सोहन लाल ठाकुर, घुमारवीं से सीपीएस राजेश धर्माणी सहित पूर्व विधायक एवं विप्लव ठाकुर के भाई निखिल राजौर, सुरिंदर काकू, पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रेश कुमारी, पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार उपमन्यु आदि कई नेताओं को अपने मंच पर एकजुट कर बाली ने पार्टी के भीतर और बाहर अपने विरोधियों को अपनी नई सियासी ताकत का एहसास कराया।
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जानकार कह रहे हैं कि लंबे समय बाद वीरभद्र विरोधी धड़ा एक बार फिर से हावी होने की कोशिश करने लगा है। आने वाले समय में अगर बाली को नई कमान मिलती है तो इससे कांगड़ा में बीजेपी के भी समीकरण बिगड़ सकते हैं। रैली में आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स नहीं आई। मुख्यमंत्री समेत वीरभद्र गुट बाली की रैली से किनारा करता दिखा। दिल्ली दौरा रद्द होने के बाद हिमाचल में रहते हुए भी सीएम बाली की रैली में नहीं आए।
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सीएम के सिपहसालार मंत्रियों सुधीर शर्मा, मुकेश अग्निहोत्री समेत केवल सिंह पठानिया, संजय रत्न, नीरज भारती, पवन काजल सरीखे कई नेताओं ने बाली की रैली से दूरी बनाए रखी। नगरोटा बगवां की रैली में कांगड़ा जिला से एकमात्र विधायक अजय महाजन ने ही शिरकत की। खास बात यह भी रही कि शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा अपने विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला में ही थे लेकिन 25 किलोमीटर दूर अपनी ही पार्टी के मंत्री की रैली में शामिल नहीं हुए।
रैली के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी की वरिष्ठ नेत्री चंद्रेश कुमारी पार्टी की कथित अनदेखी का दर्द नहीं छुपा पाईं। उन्होंने कहा कि भले ही पार्टी को अब उनकी याद न आती हो लेकिन, वह हमेशा पार्टी के प्रति समर्पित रही हैं। आगे भी पार्टी अध्यक्ष उन्हें जिस भी सेवा के लिए उचित समझें वह पार्टी की बेहतरी के लिए कार्य करती रहेंगी।
सूबे में बदलेगी राजनीति, बड़ी भूमिका में होंगे बाली: सुक्खू
हिमाचल दिवस पर वीरवार को शुरू होने वाली बेरोजगारी भत्ता योजना को तीन दिन पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की गैरमौजूदगी में ही कांगड़ा के नगरोटा बगवां से लांच कर दिया गया। परिवहन मंत्री जीएस बाली की युवा सम्मान एवं धन्यवाद रैली में युवाओं को भत्ते के लिए फार्म बांटे गए।
पंजीकरण के लिए रैली स्थल पर स्टॉल लगाए गए। सैकड़ों युवाओं ने लाइन में खड़े होकर फार्म भी भरे। रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि बाली केवल विधायक ही नहीं हैं बल्कि एक नेता और नेतृत्व भी हैं। आने वाले समय में हिमाचल की राजनीति में बड़ा बदलाव आने वाला है, जिसमें बाली बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं।
सुक्खू ने बाली की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि उनकी कोशिशों से ही बेरोजगारी भत्ता कांग्रेस के घोषणा पत्र का केंद्र बिंदु बना। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में इस भत्ते को दिए जाने पर जोर दिया गया और प्रदेश सरकार ने इसे बजट में जगह दी। इसके लिए बाली बधाई और धन्यवाद के पात्र हैं। सुक्खू ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बड़ी चुनौतियां सामने होंगी लेकिन कांग्रेस जीत का इतिहास रचेगी।
सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झूठ का पुलिंदा बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के सिद्धांत केवल सत्ता प्राप्ति के लिए हैं। नोटबंदी के समय भाजपा द्वारा प्रदेश में पार्टी के विभिन्न कार्यालयों के लिए करीब 20 करोड़ रुपये के काले धन से जमीनों की खरीद की गई।
बेरोजगारों को हक दिलाया, राजनीति नहीं की: बाली
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि बेरोजगारी भत्ते को लेकर उन्होंने कभी भी इसका श्रेय लेने की कोशिश नहीं की। उन्होंने गरीब बेरोजगारों को उनका हक दिलाया है न कि राजनीति की है। अब समय की मांग है कि नए हिमाचल का निर्माण हो। घोषणा पत्र को पूरा करना सरकार का फर्ज है। बाली ने यह प्रश्न भी खड़ा किया कि बड़े उद्योगपतियों को राहत तो मिल रही लेकिन गरीब बेरोजगारों को सहायता क्यों नहीं दी जा रही।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के तीखे सवाल
सवाल : आपने कहा कि आने वाले वक्त में मंत्री जीएस बाली बड़ी दिशा में दिखेंगे। बड़ी दिशा से आपका मतलब उन्हें सीएम पद की दौड़ में शामिल करवाने से है?
जवाब : आने वाले वक्त में न केवल मंत्री जीएस बाली, बल्कि कौल सिंह ठाकुर भी बड़ी दिशा में नजर आएंगे। सीएम कौन बनेगा ये आलाकमान तय करता है।
सवाल: बेरोजगारी भत्ता दिलानेे की शुरुआत सीएम वीरभद्र सिंह द्वारा हिमाचल दिवस पर चंबा से प्रस्तावित रहा है। मगर उससे पहले ही आपने नगरोटा बगवां में बेरोजगारों को फार्म बांटने शुरू करवा दिए?
जवाब : नहीं, ऐसा नहीं है। नगरोटा बगवां में यह कांग्रेस का ही आयोजन था। मैं पार्टी का अध्यक्ष हूं। जीएस बाली कांग्रेस घोषणापत्र कमेटी के समन्वयक रहे हैं। पार्टी का ये आयोजन उनके क्षेत्र में ही था। चंबा में सरकार इसकी शुरुआत करेगी। पार्टी ने सरकार से इस घोषणा को मनवाया है।
सवाल: अब यह भी कहा जा रहा है कि नगरोटा बगवां में बांटे गए फार्म नकली हैं?
जवाब: नहीं ये फार्म असली और अधिकृत हैं और रोजगार महकमे से लिए गए हैं।
सवाल : ये संदेश गया है कि आप बेरोजगारी भत्ता देने का श्रेय जीएस बाली को दिला रहे हैं? बेरोजगारी भत्ते पर कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई है?
जवाब : ऐसा नहीं है। लेकिन ये भी सच है कि सबसे पहले बाली ने ही यह मामला दोबारा उठाया। कांग्रेस पार्टी एक है। इसमें कोई खेमेबाजी नहीं है।
सवाल : मंत्री सुधीर शर्मा यही करीब के है। वह रैली में नहीं आए। इस रैली में कई महत्वपूर्ण नेता नहीं बुलाए गए। सीएम तक नहीं आए?
जवाब : इस रैली में सीएम साहब को भी बुलाया गया था, लेकिन उनका दिल्ली जाने का कार्यक्रम था। इसमें अन्य नेताओं को भी बुलाया गया था। उनकी अपनी व्यस्तताएं रही होंगी।
सवाल : सीएम वीरभद्र सिंह आजकल मुश्किलों में घिरे हैं। ऐसे में आपकी कार्यशैली और बयानबाजी क्या अपनी ही सरकार के मुखिया को और परेशानी में नहीं डाल नहीं रही?
जवाब : ऐसी कोई भी बात नहीं है। मैं पार्टी की सेवा कर रहा हूं। हमने कांग्रेस घोषणापत्र की घोषणाओं को मनवाने का ही काम किया है।