आरएसएस की तर्ज पर लगेंगे कांग्रेस सेवादल के ट्रेनिंग कैंप
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आरएसएस की तर्ज पर कांग्रेस सेवादल भी अब नियमित प्रशिक्षण कैंप लगाएगा। मकसद संगठन की जड़ों को मजबूत करना है। सेवादल के हर साल नियमित रूप से लगने वाले प्रशिक्षण कैंपों में हिस्सा लेने वाले सेवादल के सदस्यों को संगठन में ज्यादा तरजीह मिलेगी। सेवादल में संगठन के पद देते समय भी यह बात ध्यान में रखी जाएगी कि किसने कितने कैंप लगाए हैं।
पदों पर तैनाती के दौरान होने वाले कांग्रेेस नेताओं के हस्तक्षेप को खत्म करने की तैयारी भी जोरों पर है। हाईकमान ने कांग्रेस के फ्रंटल संगठन कांग्रेस सेवादल को मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस सेवादल को पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से कार्य करने की छूट दी जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि पूर्व में जिस तरीके से कांग्रेस सेवादल में पदाधिकारियों के चयन को लेकर कांग्रेस नेताओं का हस्तक्षेप होता था, इसे खत्म किया जा रहा है। अब सेवादल के पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर संगठन की गतिविधियों में सदस्यों की भागीदारी को पैमाना बनाया जाएगा।
क्या कहते हैं कांग्रेस सेवादल के प्रदेश मुख्य संगठक अनुराग शर्मा
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस हाईकमान ने अब कांग्रेस सेवादल के सदस्यों के लिए ब्लाक स्तर पर 3 दिन का प्रशिक्षण कैंप लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद जिला स्तर के कैंप में सेवादल के सदस्यों का 5 दिन का प्रशिक्षण कैंप आयोजित होगा। इसके बाद राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर 7 दिवसीय लगेगा। ये कैंप सेवादल के सभी सदस्यों को लगाने अनिवार्य होंगे।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक अनुराग शर्मा कहते हैं कि कांग्रेस सेवादल के सभी सदस्यों को ब्लाक, जिला और प्रदेश स्तर के कैंप लगाने अनिवार्य हैं। इन प्रशिक्षण कैंपों को लगाने वाले सदस्यों को ही संगठनों के पदों पर तैनाती दी जाएगी। कांग्रेस नेताओं की सिफारिश पर अब कांग्रेस सेवादल के पदाधिकारी नियुक्त नहीं किए जा सकेंगे।