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नगर निगम में मर्ज करने पर मचा बवाल

Fri, 03 Dec 2021 10:27 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 10:27 PM IST
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congress opposed to merg panchayat in mc
congress opposed to merg panchayat in mc
अब कांग्रेस नेताओं ने जताया ऐतराज; बोले, पहले मर्ज इलाकों में सुविधाएं नहीं दे पा रहा एमसी
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम चुनाव से पहले साथ लगते पंचायती इलाकों को एमसी में मर्ज करने के प्रस्तावों पर कांग्रेस ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों के विरोध के बाद अब कांग्रेस ने भी पंचायती इलाकों को नगर निगम में मर्ज करने का विरोध कर दिया है।
पंचायत क्षेत्र के लोगों से बैठक करने के बाद कांग्रेस के कसुम्पटी मंडल के अध्यक्ष रामकिशन शांडिल ने कहा कि नगर निगम में 1996 और 2007 में जो पंचायती इलाके मर्ज किए थे उनमें आज तक पार्किंग, एंबुलेंस रोड आदि मूलभूत सुविधाओं की कमी चल रही है। अब नए इलाके नगर निगम में शामिल किए जाने पर चर्चा चल रही है। पूछा कि जब इतने सालों बाद भी मर्ज किए वार्डों में काम नहीं हो पा रहा तो अब नए इलाकों के लिए कहां से पैसा आएगा। अब जिन इलाकों को नगर निगम में मर्ज करने की तैयारी चल रही है वह ज्यादातर ग्रामीण इलाके हैं।
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लोगों के पास अपनी जमीनें हैं। नगर निगम में शामिल होते ही इन्हें भवन के साथ खाली जमीनों का टैक्स भी देना होगा। कहा कि कुछेक भाजपा नेता अपने फायदे के लिए पंचायती इलाकों को एमसी में शामिल करवाना चाहते हैं। मर्ज करने के लिए जो प्रस्ताव आए हैं, वह पंचायत के नहीं बल्कि इक्का दुक्का लोगों के हैं। पंचायत की मर्जी के बिना इन इलाकों को नगर निगम में शामिल करना सही नहीं है।
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गौशाला बनाने के लिए
पास करना होगा नक्शा
भट्ठाकुफर के पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि जब उनका क्षेत्र भी नगर निगम में शामिल किया था तो वायदा किया कि लोगों को कोर एरिया से सस्ता पानी मिलेगा और बाकी सुविधाएं दी जाएंगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पंचायती इलाकों के लोग खेतीबाड़ी करते हैं, कई दूध का कारोबार करते हैं। इन पर अब नगर निगम का कानून लागू हो जाएगा। गौशाला बनाने तक के लिए नक्शा पास करवाना होगा। अगर यह मर्ज होते हैं तो वार्डों का आकार बढ़ जाएगा जिससे वार्ड के लिए मिलने वाला पैसा कई जगह बांटना पड़ेगा। इससे विकास प्रभावित होगा।
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