नियमों को ठेंगा दिखाकर उड़ा दिया हेलीकॉप्टर: रामलाल ठाकुर
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कांग्रेस के राज्य महासचिव एवं श्री नयनादेवी के विधायक ने नलवाड़ी मेलों में व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि हेलीकॉप्टर सेवा के नाम पर लोगों की जान को दांव पर लगा दिया गया। हेलीकॉप्टर उड़ाने के लिए न तो पर्यटन विभाग (सिविल एवीएशन) और न ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति नहीं ली गई।
पत्रकार वार्ता में आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज भी पेश कर रामलाल ठाकुर ने कहा कि इस मामले को अब वे अगले विधानसभा सत्र में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि नियम के तहत हेलीकॉप्टर की उड़ान के लिए राज्य के पर्यटन विभाग (सिविल एवीएशन) से मंजूरी लेना जरूरी है।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल से भी अनुमति लेनी होती है, लेकिन उपायुक्त ने अपने स्तर पर ही अनुमति दे दी। सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर के लिए टेंडर तक नहीं बुलाए गए। प्रशासन की ओर से एक शॉर्ट-टर्म नोटिस निकाला गया था। जो इस पूरी प्रक्रिया के लिए वैध नहीं है।
ये उठाए सवाल
रामलाल ठाकुर ने कहा कि फॉर एक्सिस एविएशन हेलीकॉप्टर सेवाएं देने वाली कंपनी को उसकी शर्तों पर काम दे दिया गया। हेलीकॉप्टर पार्क करने के लिए जो ग्राउंड दिया गया, उसका भी मेला कमेटी की ओर से कोई चार्ज नहीं लिया गया है। अन्य कारोबारियों के 10 से 15 फीट प्लॉट के भी हजारों रुपये वसूले गए। यही नहीं, महज सात मिनट की फ्लाइट का किराया कंपनी ने 2499 रुपये बताया जिसे बिना किसी मोलभाव के मान लिया गया।
ये उठाए सवाल
1. व्यापारिक गतिविधियां करने आए हेलीकॉप्टर की कंपनी से ग्राउंड का किराया क्यों नहीं वसूला गया? क्रू सदस्यों की सरकारी आवभगत क्यों की गई? सुरक्षा के लिए पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात क्यों करवाए गए?
2. अगर बिना मंजूरी के उड़ रहे हेलीकॉप्टर में कोई हादसा हो जाता तो इसकी जिम्मेवारी किसकी होती।
3. मेले का आयोजन 17 से 23 मार्च तक किया जाता है। फिर हेलीकॉप्टर 25 मार्च तक कैसे उड़ान भरता रहा।