वीरभद्र के इशारों पर धूमल को निशाना बना रही विजिलेंस?
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भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर हिमाचल में चल रही जांच पर सरकार के ही मंत्री जीएस बाली ने सवाल उठा दिए हैं। बाली ने कहा है कि विजिलेंस महकमे की जांच केवल एचपीसीए पर ही अटक गई है।
भ्रष्टाचार के दूसरे गंभीर मामलों की छानबीन रुक गई है। शिमला में मीडिया से बात करते हुए जीएस बाली ने कहा कि यह सही है कि कांग्रेस चार्जशीट में दर्जनों मामलों में से जांच का फोकस केवल एक ही एचपीसीए मामले पर रह गया है।
इसके अलावा भी दूसरे मामले हैं, उनकी भी जांच होनी चाहिए। उधर, भाजपा का कहना है कि सीएम वीरभद्र के इशारों पर जांच एजेंसी पूर्व सरकार के खिलाफ झूठे केस दर्ज कर रही है और अब उनकी सरकार के मंत्री भी ये मानने लगे हैं।
चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष थे बाली
बाली विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस की चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष रहे हैं। इसी चार्जशीट से एचपीसीए मामला निकालकर सरकार ने विजिलेंस जांच बैठाई है।
बाली ने कहा कि उन्होंने उस समय चार्जशीट में कई गंभीर मामले शामिल करवाए थे। उन सबकी छानबीन के बजाय केवल एक एचपीसीए मामले पर ही फोकस तर्कसंगत नहीं है।
उन्होंने अपना कर्तव्य पूरा कर चार्जशीट बनाई। बाली बोले कि इसमें बेनामी संपत्ति के कई मामले जैसे बैम्लोई बिल्डर्स, बैंटनी कैसल आदि भी शामिल हैं, इन पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
पूर्व धूमल सरकार को बनाया गया है आरोपी
स्टेट विजिलेंस एचपीसीए के जिस मामले की जांच कर रही है उसमें पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल और उनके बेटे अनुराग ठाकुर के खिलाफ जांच चल रही है।
इनमें कुल तीन केस दर्ज हैं जिनमें से एक में खुद धूमल को भी आरोपी बनाया जा रहा है। करीब डेढ़ साल से इन सभी मामलों की जांच भी कछुआ चाल से चल रही है।
ऐसे में सरकार के मंत्री के सवालों के बाद विजिलेंस कटघरे में हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों जांच एजेंसी जानबूझ कर इस मामले पर ज्यादा फोक्स कर रही है।
आवेश में झूठे केस करते हैं वीरभद्र : गणेश दत्त
उधर, हिमाचल भाजपा ने कहा है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मानहानि मामले कोर्ट में करने और फिर इन्हें वापस लेने के आदी हो गए हैं। पार्टी प्रवक्ता गणेश दत्त ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली की ओर से उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामलों को तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह को भेजा था।
इसके बाद वीरभद्र सिंह ने अरुण जेटली पर मानहानि का केस किया था। अब वीरभद्र सिंह ये बताएं कि अब आखिर उनका हृदय परिवर्तन कैसे हुआ? क्या वे केस करती बार गलत थे या अब? पार्टी ने कहा कि चाहे विजय सिंह मनकोटिया और बलदेव दुखिया के विरुद्ध मानहानि केस का मामला हो या भाजपा नेता अरुण जेटली का, वीरभद्र सिंह ने पहले केस किए और फिर वापस लिए। भाजपा ने मांग की है कि झूठा केस दर्ज करने पर वीरभद्र सिंह को अरुण जेटली से माफी मांगनी चाहिए।