{"_id":"5ae5cce04f1c1bed778b5991","slug":"congress-leader-prakash-thakur-statement","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस नेता बोले- मंत्री ने बागवानी विकास प्रोजेक्ट की डीपीआर को किया अनदेखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस नेता बोले- मंत्री ने बागवानी विकास प्रोजेक्ट की डीपीआर को किया अनदेखा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Mon, 30 Apr 2018 09:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व बैंक से वित्तपोषित बहुचर्चित बागवानी विकास परियोजना पर बागवानी मंत्री के सवाल उठाने के बाद कांग्रेस नेता प्रकाश ठाकुर ने पलटवार किया है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि मंत्री ने इस प्रोजेक्ट की डीपीआर को ठीक से नहीं देखा है।
विज्ञापन
एपीडा के पूर्व निदेशक, एचपीएमसी के पूर्व उपाध्यक्ष और जिला कांग्रेस कमेटी शिमला (ग्रामीण) के पूर्व अध्यक्ष रहे प्रकाश ठाकुर ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट पर मंत्री का सवाल उठाना सही नहीं हैं। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बनाई प्रोजेक्ट की डीपीआर में पूरे प्रदेश का ध्यान रखा गया है।
विज्ञापन
बताया कि इस परियोजना में शीतोष्ण फलों जैसे सेब, नाशपाती, चेरी आदि के लिए कुल बजट प्रावधान 15.86 करोड़ का किया गया, जबकि उपउष्णकटीबंधीय आम, लीची, नींबू प्रजाति आदि फलों के लिए ये प्रावधान 13,700 रुपये का किया गया है।
विज्ञापन
शीतोष्ण फलों के लिए नया क्षेत्र 13,700 हेक्टेयर और उपउष्णकटीबंधीय फलों के लिए ये क्षेत्र 4500 हेक्टेयर का होगा। कहा कि परियोजना में कवर किए जा रहे 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में से 11,750 हेक्टेयर सोलन, सिरमौर, चंबा, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में कवर किया जाना है।
शेष 18,250 हेक्टेयर क्षेत्र शिमला, कुल्लू, लाहौल स्पीति, मंडी और किन्नौर में कवर किया जाना है। प्रोजेक्ट के तहत दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कांगड़ा जिले के पालमपुर और शिमला जिले के शिलारू में प्रस्तावित हैं।
1500 कलस्टर में से लगभग 590 सोलन, सिरमौर, चंबा, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में स्थापित किए जाने हैं। इसके लिए प्रोसेसिंग सुविधा नादौन और घुमारवीं में रहेगी। 13 प्रस्तावित सीएससी में से 11 हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन में प्रस्तावित हैं। 14 मंडियों में से दो मंडी, एक सिरमौर, दो सोलन और दो कांगड़ा में अपग्रेड की जानी हैं।