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संविधान को दरकिनार कर कांग्रेस ने थोपा था आपातकाल : बिंदल
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शिमला के मॉल रोड पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते भाजपा अध्यक्ष डॉ राजीव बीदंल ।फोटो संवाद
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भाजपा ने आपातकाल की विभीषिका को किया याद, लोकतंत्र के सेनानियों और परिजनों को किया सम्मानित
प्रदर्शनी और संगोष्ठी का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारतीय जनता पार्टी ने शिमला में कई जगह कार्यक्रम कर 1975 में कांग्रेस सरकार की ओर से लगाए आपातकाल की विभीषिका को याद किया। मॉल रोड के रोटरी टाउन हॉल के सामने आपातकाल पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने किया।
प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र पर हुए हमले, प्रेस सेंसरशिप, लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष तथा ऐतिहासिक दस्तावेजों और चित्रों को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद कालीबाड़ी हॉल शिमला में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने की। कार्यक्रम में वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों को सम्मानित कर उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया गया।
बिंदल ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। सत्ता बचाने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संविधान की भावना को दरकिनार करते हुए पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया। लाखों लोकतंत्र सेनानियों, विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को जेलों में डाल दिया गया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को पूरी तरह कुचल दिया गया।
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बिंदल ने कहा कि आपातकाल के दौरान वे हरियाणा में विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता थे। उन्होंने भूमिगत रहकर लोकतंत्र बचाने के लिए साहित्य छापने और वितरित करने का कार्य किया। रात के अंधेरे में साइक्लोस्टाइल मशीन से पर्चे छापकर उन्हें विश्वविद्यालयों और प्रभावशाली नागरिकों तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर करनाल जेल भेज दिया गया, जहां उन्हें लगातार शारीरिक एवं मानसिक यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने अपने साथियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा आघात था। उस कठिन समय में जिन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया, उनका योगदान सदैव देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करना राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, प्रबुद्ध नागरिक, लोकतंत्र सेनानी एवं परिजन उपस्थित रहे।
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प्रदर्शनी और संगोष्ठी का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारतीय जनता पार्टी ने शिमला में कई जगह कार्यक्रम कर 1975 में कांग्रेस सरकार की ओर से लगाए आपातकाल की विभीषिका को याद किया। मॉल रोड के रोटरी टाउन हॉल के सामने आपातकाल पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने किया।
प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र पर हुए हमले, प्रेस सेंसरशिप, लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष तथा ऐतिहासिक दस्तावेजों और चित्रों को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद कालीबाड़ी हॉल शिमला में सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने की। कार्यक्रम में वर्ष 1975 के आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों को सम्मानित कर उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया गया।
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बिंदल ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। सत्ता बचाने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संविधान की भावना को दरकिनार करते हुए पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया। लाखों लोकतंत्र सेनानियों, विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को जेलों में डाल दिया गया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को पूरी तरह कुचल दिया गया।
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बिंदल ने कहा कि आपातकाल के दौरान वे हरियाणा में विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता थे। उन्होंने भूमिगत रहकर लोकतंत्र बचाने के लिए साहित्य छापने और वितरित करने का कार्य किया। रात के अंधेरे में साइक्लोस्टाइल मशीन से पर्चे छापकर उन्हें विश्वविद्यालयों और प्रभावशाली नागरिकों तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर करनाल जेल भेज दिया गया, जहां उन्हें लगातार शारीरिक एवं मानसिक यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने अपने साथियों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा आघात था। उस कठिन समय में जिन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया, उनका योगदान सदैव देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करना राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, प्रबुद्ध नागरिक, लोकतंत्र सेनानी एवं परिजन उपस्थित रहे।